नई दिल्ली।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा सेवा ‘प्रियदर्शिनी’ की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार ने “इंदिरा गारंटी को हकीकत में बदल दिया है।” उन्होंने कहा कि यह योजना केवल मुफ्त बस पास नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और नए अवसरों का माध्यम है।
सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘प्रियदर्शिनी’ योजना महिलाओं को सुरक्षित और निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के साथ-साथ उन्हें अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास भी प्रदान करेगी।
उन्होंने लिखा, “केएसआरटीसी की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सेवा ‘प्रियदर्शिनी’ के माध्यम से कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने इंदिरा गारंटी को वास्तविकता में बदल दिया है। यह केवल एक बस पास नहीं है, बल्कि यात्रा की आजादी, अवसरों तक पहुंचने का आत्मविश्वास और पूरे केरल की महिलाओं के लिए अधिक स्वतंत्रता का प्रतीक है। मैं इस वादे को पूरा करने और अनगिनत महिलाओं को बड़े सपने देखने के लिए सशक्त बनाने पर यूडीएफ सरकार को बधाई देती हूं।”
इस बीच, केरल के पूर्व परिवहन मंत्री के.बी. गणेश कुमार ने भी इस योजना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जनता से किया गया वादा अब पूरा किया जा रहा है, जो एक सकारात्मक कदम है।
गणेश कुमार ने सुझाव दिया कि इस सुविधा का दायरा और व्यापक होना चाहिए। उनके अनुसार, यह योजना केवल महिलाओं तक सीमित न रहकर बच्चों, विशेष रूप से छोटे लड़कों को भी शामिल कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार की बीमा व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “सरकार ने चुनाव से पहले जनता से जो वादा किया था, अब उसे लागू कर रही है। यह बहुत अच्छी पहल है। मेरी राय में इसका लाभ सभी महिलाओं और बच्चों, जिनमें छोटे लड़के भी शामिल हों, को मिलना चाहिए। साथ ही महिलाओं के लिए बीमा जैसी व्यवस्था भी होनी चाहिए।”
राज्य सरकार की यह प्रमुख कल्याणकारी योजना 15 जून से लागू हो चुकी है। इसके तहत केएसआरटीसी की सामान्य बस सेवाओं में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पूरे राज्य में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सामाजिक समावेशन को मजबूत करना और महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यात्रा पर होने वाले खर्च में कमी आने से बड़ी संख्या में दैनिक यात्रियों को लाभ मिलेगा और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा अन्य अवसरों तक अधिक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, उनकी गतिशीलता को मजबूत करने और समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं।