प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम की तस्वीर साझा की, नए साल पर दी सफलता की शुभकामनाएं

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-01-2026
Prime Minister Modi shared a picture of the INSV Kaundinya team and extended his best wishes for their success in the new year.
Prime Minister Modi shared a picture of the INSV Kaundinya team and extended his best wishes for their success in the new year.

 

नई दिल्ली।

नए साल 2026 की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की प्राचीन समुद्री विरासत को पुनर्जीवित करने वाली एक ऐतिहासिक पहल को देश के साथ साझा किया। प्रधानमंत्री ने लकड़ी से बने पारंपरिक जहाज आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम की एक तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट की और चालक दल को यात्रा की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम से तस्वीर पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि टीम का उत्साह और आत्मविश्वास देखकर मन को सुकून मिलता है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से नए साल के आगमन के अवसर पर समुद्र में मौजूद जहाज के चालक दल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी आगे की यात्रा भी खुशियों और सफलता से भरी हो।

आईएनएसवी कौंडिन्य को गुजरात के पोरबंदर से ओमान के लिए रवाना किया गया है। इस ऐतिहासिक अभियान को सोमवार को पश्चिमी नौसेना कमान के ध्वज अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अल शिबानी भी उपस्थित रहे, जो भारत-ओमान के बीच प्राचीन समुद्री संबंधों की याद दिलाता है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएसवी कौंडिन्य पूरी तरह से पारंपरिक तकनीकों से निर्मित जहाज है। इसे प्राचीन भारतीय जहाजों के चित्रण और ऐतिहासिक साक्ष्यों से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। जहाज के निर्माण में आधुनिक धातुओं या मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि पूरी संरचना लकड़ी और पारंपरिक सिलाई तकनीक पर आधारित है, जैसा कि सदियों पहले भारतीय नाविकों द्वारा उपयोग किया जाता था।

यह समुद्री यात्रा केवल एक नौसैनिक अभियान नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, जहाज निर्माण कौशल और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संपर्कों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास है। माना जा रहा है कि यह अभियान भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह संदेश न केवल चालक दल के मनोबल को बढ़ाने वाला है, बल्कि नए साल की शुरुआत में देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत पर गर्व का भाव भी जगाता है।