नई दिल्ली।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नववर्ष 2026 के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाला वर्ष भारत को और मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के सामूहिक संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि नया साल देश के लिए अवसरों, सकारात्मक सोच और रचनात्मक प्रयासों का प्रतीक बने।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने देश और दुनिया के लिए शांति, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। उन्होंने लिखा कि नववर्ष 2026 सभी नागरिकों के जीवन में सुख, संतुलन और स्थायित्व लेकर आए तथा समाज के हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचे।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत आज एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकाल से गुजर रहा है, जहां आर्थिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और सामाजिक समरसता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में नया साल नागरिकों के सामूहिक प्रयासों, अनुशासन और कर्तव्यबोध के जरिए देश को और अधिक सशक्त बनाने का अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की असली ताकत उसकी एकता, विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित है। नववर्ष के मौके पर यह आवश्यक है कि हम आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दें और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे बढ़ें। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे शिक्षा, कौशल और नवाचार के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
अपने संदेश में सी. पी. राधाकृष्णन ने यह विश्वास भी जताया कि 2026 भारत के लिए नई उपलब्धियों, वैश्विक मंच पर बढ़ती प्रतिष्ठा और सामाजिक-आर्थिक मजबूती का वर्ष सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यदि देशवासी साझा संकल्प, सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ते हैं, तो भारत न केवल अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएगा, बल्कि विश्व के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बनेगा।
कुल मिलाकर, उपराष्ट्रपति का नववर्ष संदेश आशा, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय संकल्प की भावना को मजबूत करता है, जो 2026 को भारत के विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना सकता है।






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