नई बर्फ, नई रौनक और नई उम्मीदें: 2026 के आगाज़ के साथ कश्मीर में पर्यटकों की वापसी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 01-01-2026
New snow, renewed vibrancy, and new hopes: Tourists return to Kashmir with the start of 2026.
New snow, renewed vibrancy, and new hopes: Tourists return to Kashmir with the start of 2026.

 

श्रीनगर से बासित जरगर की रिपोर्ट

नया साल 2026 कश्मीर घाटी के लिए सिर्फ़ कैलेंडर की तारीख़ों का बदलाव नहीं, बल्कि उम्मीद, भरोसे और रौनक की नई शुरुआत बनकर आया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जिस कश्मीर पर्यटन की रफ़्तार थम-सी गई थी, वह अब धीरे-धीरे फिर से पटरी पर लौटती नज़र आ रही है। साल की पहली बर्फ़बारी के साथ घाटी में उमड़ी सैलानियों की भीड़ ने पर्यटन से जुड़े लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है और यह भरोसा भी जगाया है कि 2026 बीते कई वर्षों के मुकाबले कहीं ज़्यादा बेहतर साबित हो सकता है।

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दुनिया भर में अपनी ख़ूबसूरती और रोमांचक खेलों के लिए मशहूर गुलमर्ग एक बार फिर कश्मीर पर्यटन की उम्मीदों का केंद्र बनकर उभरा है। बर्फ़ से ढकी वादियों, सफ़ेद चादर ओढ़े पहाड़ों और खुलकर खिली धूप के बीच गुलमर्ग इन दिनों सैलानियों से गुलज़ार है। देश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों पर्यटक नए साल का जश्न मनाने के लिए यहां पहुंचे हैं। यह भीड़ सिर्फ़ छुट्टियों का आनंद लेने नहीं आई है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि कश्मीर को लेकर लोगों का भरोसा धीरे-धीरे मज़बूत हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग ने इस भरोसे को और मज़बूती देने के लिए गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नए साल के मौके पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जश्नों का आयोजन किया। पारंपरिक कश्मीरी संगीत, लोक नृत्य, स्थानीय व्यंजन और बर्फ़ीली गतिविधियों ने सैलानियों के अनुभव को और यादगार बना दिया। कई पर्यटकों ने घाटी की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर हैरानी जताई और कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे किसी सपने या जन्नत में आ गए हों।

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पर्यटकों की ज़ुबान पर बार-बार एक ही बात सुनने को मिली गुलमर्ग की सुंदरता बेमिसाल है। पंजाब से आए पर्यटक जग्गी सिद्धू ने कहा, “हम यहां दो दिनों से हैं और सच कहूं तो हमें उम्मीद नहीं थी कि यह जगह इतनी खूबसूरत होगी। बर्फ़बारी हो रही है, मौसम शानदार है और यहां के लोग बेहद मददगार हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हमें यहां पूरी तरह सुरक्षित महसूस हो रहा है। मैं चाहता हूं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग कश्मीर आएं और इसकी ख़ूबसूरती देखें।”

गुलमर्ग में नए साल का जश्न किसी उत्सव से कम नहीं दिखा। कहीं सैलानी बर्फ़ पर संगीत की धुनों पर झूमते नज़र आए, तो कहीं युवा पर्यटक लोकप्रिय बॉलीवुड गानों पर रील्स बनाते दिखे। मोबाइल कैमरों और डीएसएलआर से बर्फ़ीली वादियों की तस्वीरें और वीडियो कैद करने का सिलसिला हर तरफ़ जारी रहा। बच्चों की खिलखिलाहट, परिवारों की हंसी और दोस्तों की मस्ती ने गुलमर्ग की सर्द हवा में भी गर्मजोशी घोल दी।

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पश्चिम बंगाल से आईं इशिका रॉय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं यहां हर पल का आनंद ले रही हूं। यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इस ट्रिप का पूरा श्रेय मेरे भाई को जाता है, जिन्होंने यहां आने का प्लान बनाया। हम यहां अपनी बेटी का जन्मदिन मना रहे हैं और यह सच में किसी सपने जैसा लग रहा है। कश्मीर धरती पर जन्नत है और सबसे अहम बात यह है कि यहां हमें पूरी सुरक्षा और सुकून महसूस हो रहा है।”

स्थानीय होटल मालिकों, टैक्सी चालकों, गाइड्स और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए पर्यटकों की यह वापसी किसी राहत की सांस से कम नहीं है। पिछले कई महीनों से सुस्त पड़े कारोबार में अब फिर से जान लौटती दिख रही है। होटल बुकिंग्स में बढ़ोतरी, टैक्सी स्टैंड्स पर चहल-पहल और बाजारों में रौनक इस बात का संकेत है कि कश्मीर का पर्यटन सेक्टर धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है।

पर्यटन से जुड़े स्टेकहोल्डर्स का मानना है कि अगर मौजूदा रुझान बना रहा, तो 2026 कश्मीर के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। कई स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें भविष्य को लेकर उम्मीद दिख रही है। उनका मानना है कि यह साल न सिर्फ़ पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है, बल्कि कश्मीर को एक बार फिर देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शुमार कर सकता है।

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कुल मिलाकर, नई बर्फ़ के साथ आया नया साल कश्मीर के लिए नई उम्मीदें, नया भरोसा और नई शुरुआत लेकर आया है। गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग में उमड़ी सैलानियों की भीड़ इस बात की गवाही दे रही है कि डर और अनिश्चितता के बाद अब घाटी फिर से मुस्कुराने लगी है। अगर हालात ऐसे ही बेहतर होते रहे, तो 2026 कश्मीर पर्यटन के लिए वाकई एक यादगार और ऐतिहासिक साल साबित हो सकता है।