नक्सलवाद के करीब अंत से लेकर साइबर सुरक्षा तक गृह मंत्रालय का रोडमैप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 01-01-2026
The Home Ministry's roadmap, from the near end of Naxalism to cybersecurity.
The Home Ministry's roadmap, from the near end of Naxalism to cybersecurity.

 

नई दिल्ली।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2025 की ईयर-एंड रिव्यू रिपोर्ट जारी करते हुए इसे भारत की आंतरिक सुरक्षा यात्रा का एक निर्णायक चरण बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित, सशक्त और विकसित भारत के विज़न के तहत तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 2025 में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, साइबर अपराध, सीमा प्रबंधन और आपराधिक न्याय सुधारों के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई।

गृह मंत्रालय के अनुसार, सरकार 31 मार्च 2026 तक भारत को वामपंथी उग्रवाद (LWE) से मुक्त करने के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। 2025 में छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियानों में 300 से अधिक नक्सली कैडर को निष्क्रिय किया गया, जो एक वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। कार्रेगुट्टालू पहाड़ ऑपरेशन और ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट जैसे अभियानों ने माओवादी नेतृत्व ढांचे को तोड़ दिया और बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण का रास्ता खोला। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक प्रभावित नक्सल जिलों की संख्या घटकर अब सिर्फ तीन रह गई है।

आतंकवाद के मोर्चे पर मंत्रालय ने ज़ीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से आतंकियों का सफाया किया और आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया। इस दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की लगभग 95 प्रतिशत सजा दर को वैश्विक स्तर पर सबसे प्रभावी अभियानों में गिना गया।

संस्थागत मजबूती भी 2025 की बड़ी उपलब्धि रही। नई मल्टी-एजेंसी सेंटर (MAC) के उद्घाटन से खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत हुआ। वहीं, सीबीआई द्वारा लॉन्च किया गया भारतपोल पोर्टल लगभग 200 देशों की एजेंसियों के साथ तेज़ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को संभव बना रहा है।

साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने दिल्ली में ई-ज़ीरो एफआईआर पहल शुरू की, जिससे बड़े साइबर वित्तीय अपराधों में एफआईआर दर्ज करना तेज़ हुआ। साथ ही, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी और सीएफएसएल के नए परिसरों से जांच और सजा दर बेहतर करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।

नशीले पदार्थों के खिलाफ “पूरे सरकार-स्तर” की सख़्त नीति के तहत हज़ारों करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गईं और 1.37 लाख किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए गए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ड्रग मनी से आतंकवाद को फंड करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शांति, एकीकरण और विकास पर ज़ोर देते हुए अलगाववाद से जुड़ी कई संस्थाओं ने सार्वजनिक रूप से नाता तोड़ा। सीमा प्रबंधन में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल, 2025 और नए ओसीआई पोर्टल को पारदर्शी और तकनीक-आधारित व्यवस्था की दिशा में अहम कदम बताया गया।

आगे की तैयारी के तहत गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 की घोषणा की, जो दो चरणों में होगी और इसमें जाति गणना भी शामिल होगी—जिसे सामाजिक न्याय और समावेशी नीति निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया है।