नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की विसाख रिफ़ाइनरी में स्थापित की गई रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) की प्रशंसा की और इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने वाला एक स्टेट‑of‑द‑आर्ट परियोजना बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह सुविधा ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को गति देगी।
HPCL ने RUF को सफलतापूर्वक शुरू किया है, जो देश की रिफ़ाइनिंग क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रोजेक्ट विसाख रिफ़ाइनरी मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (VRMP) का हिस्सा है और इसका उद्देश्य रिफ़ाइनरी के अवशिष्ट (रेसिड्यू) तेल को हाई‑वैल्यू पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स में बदलना है।
यह फैसिलिटी 3.55 मिलियन टन प्रति वर्ष (MMTPA) क्षमता वाली है और इसमें दुनिया का पहला और सबसे बड़ा LC‑Max तकनीक आधारित रेसिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग यूनिट शामिल है। इस तकनीक के माध्यम से लो‑वैल्यू रेजिड्यू तेल का लगभग 93% हिस्सा उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे प्रत्येक बैरल से अधिक मूल्य निकाला जा सके।
इस पहल के चलते विसाख रिफ़ाइनरी की डिस्टिलेट यील्ड में लगभग 10% की वृद्धि की उम्मीद है, जिससे रिफ़ाइनरी की उत्पादकता और लाभप्रदता में सुधार होगा। इसके अलावा, यह रिफ़ाइनरी अब भारी और अवसरात्मक कच्चे तेल को भी प्रोसेस करने में सक्षम होगी, जिससे रिफ़ाइनिंग जटिलता बढ़ेगी और सस्ती आपूर्ति की संभावना मजबूत होगी।
RUF में उपयोग किए गए तीन LC‑Max रिएक्टर, जिनमें से प्रत्येक लगभग 2,200 टन वजन का है, को भारत में ही डिजाइन और असेंबल किया गया है, जो भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करता है।
इस परियोजना से न केवल ईंधन की घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि आयात पर निर्भरता कम होने की दिशा में भी बड़ा आंदोलन होगा। इससे ईंधन की आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा में सुधार के साथ ही रिफ़ाइनिंग मार्जिन और पूर्ति‑श्रृंखला मजबूती भी आएगी, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह सुविधा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस कदम है और भारत की ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सक्षम और स्वतंत्र बनाती है।