Political parties are buying and selling leaders using money, power and fear: Ajit Pawar
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को राजनीति में वैचारिक प्रतिबद्धता में लगातार गिरावट पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि अधिकतर राजनीतिक दलों ने अपने मूल सिद्धांतों को त्याग दिया है और वे अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रहे हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख पवार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि दल बदलना बहुत आम हो गया है, जिसमें नेताओं को प्रलोभन देकर या दबाव डालकर पार्टी बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पवार ने कहा, ‘‘हाल ही में राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी विचारधाराओं को लगभग त्याग दिया है। नेता जहां चाहें वहां जा रहे हैं और जो चाहें कर रहे हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को प्रलोभन देकर अपने पाले में लाया जा रहा है, जबकि अन्य पर उनके खिलाफ लंबित जांचों का डर दिखाकर और यह आश्वासन देकर दबाव डाला जा रहा है कि उनके दल बदलने के बाद जांच एजेंसियों से निपट लिया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि राजनीति में खुलेआम धन और बाहुबल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पवार ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बार-बार दल-बदलने के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल पर कहा, ‘‘जिनके पास पैसा और बाहुबल है, वे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जो लोग जातिगत मुद्दों को उठाकर वोट हासिल करने की सोच रहे हैं, वे यही रणनीति अपना रहे हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि किसी उम्मीदवार का मूल्यांकन उसकी चुनावी योग्यता के आधार पर किया जा रहा है, न कि एक नेता के रूप में उसके कार्यों के आधार पर। उन्होंने कहा कि एक नया चलन सामने आया है जहां उम्मीदवारों की लोकप्रियता का आकलन करने के लिए सर्वेक्षणों का उपयोग किया जा रहा है।