वेरावल,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के तहत सोमनाथ पहुंचे। इस दौरान वे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लेंगे और इसके बाद राजकोट में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ सहित कई अहम कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
गिर सोमनाथ जिले के वेरावल कस्बे के पास स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर के निकट बने हेलीपैड पर प्रधानमंत्री का मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मंदिर पहुंचने के दौरान सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सोमनाथ पहुंचकर वे स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारत की सभ्यतागत साहस और आत्मगौरव का प्रतीक बताया। मोदी ने कहा कि इस वर्ष सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिससे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का महत्व और बढ़ गया है।
शनिवार शाम प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में ‘ॐकार मंत्र’ के सामूहिक जाप में भाग लेंगे। इसके बाद मंदिर के इतिहास और संघर्ष को दर्शाने वाला भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 3,000 ड्रोन शामिल होंगे। इसके पश्चात वे श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
रविवार को प्रधानमंत्री ‘शौर्य यात्रा’ में भाग लेंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से निकाली जाएगी। इस यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस शामिल होगा। इसके बाद वे मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित करेंगे।
यह पर्व उन अनगिनत लोगों की स्मृति में मनाया जा रहा है जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। महमूद गजनी द्वारा 1026 ईस्वी में किए गए आक्रमण और मंदिर के पुनर्निर्माण की गौरवशाली परंपरा को भी इस अवसर पर याद किया जा रहा है। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनरुद्धार हुआ और 1951 में इसे भक्तों के लिए खोला गया।
इसके बाद प्रधानमंत्री राजकोट में ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ में भाग लेंगे, जहां वे औद्योगिक विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और घोषणा करेंगे। यह सम्मेलन कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।