प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली संसद में संबोधन के दौरान अपने मेजबान का स्पष्ट बचाव किया: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 26-02-2026
PM Modi clearly defended his host during his address to the Israeli Parliament: Congress
PM Modi clearly defended his host during his address to the Israeli Parliament: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजराइली संसद में दिए अपने संबोधन के दौरान अपने मेजबान का स्पष्ट रूप से बचाव किया।

प्रधानमंत्री मोदी अपने इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर दो दिन के इजराइल दौरे पर हैं।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए ‘न्यायपूर्ण और स्थायी शांति’ का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि ‘‘आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है’’।
 
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री ने बुधवार को नेसेट में अपने संबोधन में अपने मेजबान का स्पष्ट रूप से बचाव किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित किया कि भारत ने इजराइल को उसी दिन मान्यता दी थी जिस दिन उनका जन्म हुआ था।"
 
कांग्रेस नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टीन के बीच पत्रचार के कुछ तथ्य साझा किए और कहा, "दरअसल, अल्बर्ट आइंस्टीन ने 13 जून 1947 को इजराइल के निर्माण के विषय पर जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखा था। एक महीने बाद आइंस्टीन को नेहरू द्वारा जवाब दिया गया। 5 नवंबर, 1949 को दोनों की मुलाकात आइंस्टीन के प्रिंसटन स्थित घर पर हुई थी।"
 
उन्होंने कहा, ‘‘नवंबर, 1952 में आइंस्टीन को इजराइल के राष्ट्रपति पद की पेशकश की गई जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। अप्रैल, 1955 में आइंस्टीन के निधन से कुछ समय पहले, उन्होंने और नेहरू ने परमाणु विस्फोटों और हथियारों के मुद्दे पर पत्रों का आदान-प्रदान किया था।"