आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और मतदाता सूची पर्यवेक्षक सी एस मुरुगन के बीच मतदाता सूचियों के संशोधन में ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’ की भूमिका से जुड़े आरोपों को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई।
यह विवाद 18 फरवरी को तब शुरू हुआ जब मोइत्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रहे हैं।
उन्होंने लिखा, ‘‘कृपया अपने मतदाता सूची पर्यवेक्षक, 2007 के आईएएस, टी बोर्ड के उपाध्यक्ष सी मुरुगन को नियंत्रित करें, जो उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करते हुए माइक्रो ऑब्जर्वर को गुप्त व्हॉट्सऐप ग्रुप पर गलत निर्देश दे रहे हैं।’’
तृणमूल सांसद ने एक फिल्म के किरदार की तस्वीर भी साझा की और कैप्शन लिखा ‘क्विक गन मुरुगन’।
मुरुगन के 26 फरवरी के ‘एक्स’ पर किए एक पोस्ट को मोइत्रा के पोस्ट का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर देर से किए एक जवाबी पोस्ट में कहा, ‘‘मेरे पास उतनी बंदूकें नहीं हैं जितनी तस्वीर में दिखाई गई हैं। हालांकि, मुझे तमिलनाडु में पुलिस सेवा में अपने साढ़े चार साल के प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग तरह की बंदूकें चलाने का प्रशिक्षण मिला था और मैंने उनका कानूनी और असरदार तरीके से इस्तेमाल किया था।’’
सोशल मीडिया पर मुरुगन के इस पोस्ट पर मोइत्रा की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।