पीयूष गोयल ने अपनी दो दिवसीय जर्मनी यात्रा संपन्न की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 24-10-2026
Piyush Goyal concludes two-day Germany visit, holds high-level talks to boost trade, investment and technology ties
Piyush Goyal concludes two-day Germany visit, holds high-level talks to boost trade, investment and technology ties

 

नई दिल्ली 
 
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पूरी कर ली है। बर्लिन में उन्होंने कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य व्यापार, निवेश, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, 23 अक्टूबर को गोयल ने जर्मन सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार जगत के नेताओं, रिसर्च संस्थानों और भारतीय प्रवासियों के साथ चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को और गहरा करने के अवसरों पर जोर दिया गया।
 
अपनी यात्रा के दौरान, गोयल ने जर्मन फेडरल चांसलरी में आर्थिक और वित्तीय नीति सलाहकार तथा G7/G20 शेरपा, लेविन होले के साथ द्विपक्षीय बैठक की। मंत्रालय ने बताया, "इस चर्चा में द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और भारत तथा जर्मनी के बीच आर्थिक और निवेश संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों पर बात हुई।" गोयल ने सीमेंस हेल्थिनियर्स AG के CEO बर्नड मोंटाग, बर्टेल्समैन के कार्यकारी बोर्ड सदस्य और बर्टेल्समैन इन्वेस्टमेंट्स के CEO कार्स्टन कोएसफेल्ड, तथा वोक्सवैगन AG के CFO और स्कोडा ऑटो के CEO होल्गर पीटर्स के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच व्यावसायिक साझेदारी, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के अवसरों का पता लगाना था। उन्होंने जर्मनी के प्रमुख औद्योगिक रिसर्च संस्थानों के साथ एक राउंडटेबल चर्चा में भी हिस्सा लिया, जिसमें एडवांस्ड औद्योगिक प्रौद्योगिकियों और नवाचार (इनोवेशन) में सहयोग पर बातचीत हुई।
 
बयान में आगे कहा गया, "इसके अलावा, उनके साथ गए भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने जर्मन उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न औद्योगिक संघों के साथ राउंडटेबल चर्चाओं में भाग लिया, ताकि द्विपक्षीय व्यावसायिक सहयोग के अवसरों को तलाशा जा सके।"
 
इसके अलावा, उन्होंने बर्लिन में भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत की और मीडिया को संबोधित किया। गोयल ने जर्मनी में रह रहे भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधकर्ताओं तथा छात्रों से भी संवाद किया। साथ ही, उन्होंने कुछ चुनिंदा 'फ्रॉनहोफर संस्थानों' (Fraunhofer Institutes) के प्रमुखों के साथ एक राउंडटेबल बैठक की, जिसमें माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक नवाचार और बैटरी प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
 
इन चर्चाओं का मुख्य फोकस भारत और जर्मनी के बीच रिसर्च सहयोग और उद्योग-शिक्षा जगत (इंडस्ट्री-एकेडेमिया) की साझेदारी को मजबूत करने पर था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जर्मनी के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 31.03 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान, वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में जर्मनी को होने वाले भारतीय निर्यात में 8.44 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो बेहतर निर्यात प्रदर्शन और मजबूत द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को दर्शाती है।