कैलाश मानसरोवर यात्रा से तमिलनाडु के 39 श्रद्धालु सुरक्षित लौटे

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-09-2026
39 pilgrims from Tamil Nadu have returned safely from the Kailash Mansarovar Yatra.
39 pilgrims from Tamil Nadu have returned safely from the Kailash Mansarovar Yatra.

 

नई दिल्ली

तमिलनाडु के तिरुप्पुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 39 श्रद्धालु सोमवार को सुरक्षित भारत लौट आए। नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के कारण उनकी वापसी का मूल मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो गया था। इसके बाद श्रद्धालुओं को दूसरे रास्ते से भारत लाया गया।

श्रद्धालुओं ने बताया कि वे 21 और 22 अगस्त को कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा के लिए चीन में प्रवेश कर चुके थे। इसके कुछ ही दिन बाद 26 अगस्त को नेपाल के सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों में भीषण फ्लैश फ्लड आई। बाढ़ ने कई सड़कों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बहा दिया, जिससे सामान्य वापसी मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।

तिरुप्पुर की श्रद्धालु गोमती विजयकुमार ने भारत पहुंचने के बाद राहत जताई। उन्होंने बताया कि उनका समूह बाढ़ आने से पहले ही प्रभावित इलाके को पार कर चुका था, इसलिए यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि वे 21 अगस्त को केरुंग ब्रिज यानी रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा से होकर गुजर चुके थे, जबकि हादसा 26 अगस्त को हुआ। इसलिए बाढ़ के समय वे उस इलाके में मौजूद नहीं थे। बाद में वापसी के लिए उन्हें दूसरे रास्ते से लाया गया।

हालांकि, वापसी के दौरान श्रद्धालुओं को बाढ़ से हुई भारी तबाही का सामना करना पड़ा। समूह के एक अन्य सदस्य योगेश ने बताया कि उनके दल में कुल 39 लोग थे और यात्रा की शुरुआत उनके गांव से हुई थी। उनका निर्धारित मार्ग केरुंग से होकर मानसरोवर तक जाता था।

उन्होंने बताया कि वापसी के समय बाढ़ ने पूरे इलाके को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। कई स्थानों पर सड़कें और दूसरी सुविधाएं पूरी तरह बह गई थीं। इमिग्रेशन व्यवस्था भी प्रभावित हुई और कई गांवों का अस्तित्व तक नहीं बचा था।

योगेश ने बताया कि पहले इसी मार्ग से वापस लौटने की योजना थी, लेकिन बाढ़ के कारण रास्ता पूरी तरह तबाह हो गया था। इसके बाद चीनी सरकार की मदद से श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई।

उन्होंने कहा कि चीनी अधिकारियों ने उनकी काफी मदद की और उन्हें सीमा तक सुरक्षित पहुंचाया। इसके बाद नेपाल सरकार ने तमिलनाडु सरकार और भारत सरकार के सहयोग से श्रद्धालुओं को भारतीय सीमा तक पहुंचाने में सहायता की।

इस पूरी प्रक्रिया में विभिन्न सरकारी एजेंसियों और दोनों देशों के प्रशासन के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित भारत पहुंचाने में मदद मिली।

नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

26 अगस्त को नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कई इलाकों में सड़कें, पुल और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई।

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, सोमवार तक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई थी, जबकि करीब 4,247 लोग अब भी लापता बताए गए। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 10,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

इस प्राकृतिक आपदा के बाद नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भी भारत सरकार ने अभियान चलाया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे तमिलनाडु के 39 श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी ऐसे समय में हुई है, जब नेपाल के कई हिस्से अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। श्रद्धालुओं ने चीन, नेपाल, तमिलनाडु और भारत सरकार की ओर से की गई सहायता के लिए आभार जताया।