आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पेट्रोनेट एलएनजी और ग्रूनर रिन्यूएबल एनर्जी ने कॉम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्रों के लिए एक संयुक्त उद्यम बनाया है। इसमें लगभग 1,200 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश होगा।
एक बयान में कहा गया कि यह मॉडल भारत में अपनी तरह का पहला है, जहां संयुक्त उद्यम भागीदार कच्चे माल की सोर्सिंग, ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण), संचालन और रखरखाव तथा जैविक खाद के उठाव का जिम्मा उठा रहा है। संयुक्त उद्यम उद्यम में दोनों की 50:50 अनुपात में हिस्सेदारी है।
बयान के अनुसार, प्रस्तावित साझेदारी के तहत 10 सीबीजी संयंत्रों के विकास की परिकल्पना की गई है, जिनमें से प्रत्येक की डिजाइन क्षमता 18 टन प्रतिदिन होगी, जिससे कुल नियोजित क्षमता लगभग 180 टन प्रतिदिन हो जाएगी।
बयान के अनुसार प्रस्तावित पोर्टफोलियो के लिए संयुक्त निवेश लगभग 1,200 करोड़ रुपये अनुमानित है।
यह साझेदारी भारत में एलएनजी और प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे में पेट्रोनेट एलएनजी के अनुभव और मजबूत उपस्थिति को सीबीजी परियोजनाओं के विकास, कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संयंत्रों के संचालन में ग्रूनर रिन्यूएबल एनर्जी की विशेषज्ञता से जोड़ती है।