शिमला (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को पंचायती राज विभाग की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन योग्य गरीब परिवारों को पक्के मकान देगी जो अभी भी कच्चे घरों में रह रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि सुरक्षित आवास न केवल एक बुनियादी ज़रूरत है, बल्कि हर नागरिक का सामाजिक अधिकार भी है, और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।
राज्य सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना ही नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, पीने के पानी और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज विभाग को मज़बूत करने के लिए खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेगी, साथ ही पंचायतों में जूनियर इंजीनियरों के पद भी भरे जाएंगे।
वर्तमान राज्य सरकार सामाजिक सशक्तिकरण क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, उपेक्षित और कमज़ोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से कई कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, और मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि जन कल्याण सरकार की प्राथमिकता है, और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही 'प्रणालीगत बदलाव' की मूल भावना है, उन्होंने दोहराया।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और शासन) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव पंचायती राज सी. पलरासु, निदेशक पंचायती राज राघव शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।