पवन खेड़ा ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ऐलान को लेकर पीएम मोदी की आलोचना की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-07-2026
Pawan Khera slams PM Modi over fast-track courts announcement
Pawan Khera slams PM Modi over fast-track courts announcement

 

गुवाहाटी (असम) 
 
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की पीएम की बात पर सवाल उठाया और पूछा कि जब इतने सारे पेपर लीक और छात्रों के आत्महत्या के मामले सामने आए, तो उन्होंने पिछले 12 सालों में क्या किया। ANI से बात करते हुए खेड़ा ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा ही देश के युवाओं के साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा, "पिछले 12 सालों से वह क्या कर रहे हैं? 152 पेपर लीक हुए हैं और 93 युवा लड़के-लड़कियों ने आत्महत्या की है। हमने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की है। इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं होगा। देश की नाकाम शिक्षा व्यवस्था के कारण यहाँ के युवा पूरी तरह से निराश और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।"
 
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि देश के युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है। उन्होंने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे हमारे कदमों की कड़ी का ही हिस्सा है।"
 
उन्होंने आगे कहा, "जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।" चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली प्रतिक्रिया थी। आज इससे पहले, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि आशुतोष रंका ने कहा कि पीएम समस्या की जड़ पर ध्यान देने के बजाय नुकसान होने के बाद समाधान पर ध्यान दे रहे हैं। ANI से बात करते हुए रंका ने ज़ोर दिया कि जब तक सिस्टम में भ्रष्ट और अयोग्य लोग बने रहेंगे, तब तक पेपर लीक होते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग एक "संगठित माफ़िया" की तरह पेपर लीक का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक यह समस्या हल नहीं होगी। रांका ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब 20 जुलाई को ही उनकी मांगें साफ़ हो गई थीं, तो उनका समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है।
 
उन्होंने कहा, "लेकिन अगर वे बात करना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। हम दो दिन पहले ही बात करना चाहते थे। हमने वहाँ अपना समय बर्बाद किया है। अगर वे बात करना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। वे हमारा समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं? हमारी मांगें साफ़ हैं। हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं।"