Omar Abdullah condemns Kulgam terror attack, says compensation cannot ease the grief of families
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने राज्य के कुलगाम जिले में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि मुआवजे की राशि उन लोगों के परिवारों को हुई क्षति की भरपाई नहीं कर सकती जो राज्य में ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाने आए थे।
अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर में कुलगाम जिले के केलम इलाके में शुक्रवार देर शाम एक ईंट-भट्टे पर हुए आतंकवादी हमले में दीपक रात्रे और भूपिंदर (दोनों 20-25 वर्ष के आयु वर्ग के) मारे गए।
बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे काम के लिए कश्मीर आए थे। राज्य के बाहर के लोग यहां ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाने आए थे। ऐसे निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। इस हमले की जितनी भी निंदा की जाए कम है।’’
उन्होंने कहा कि कोई भी धनराशि इस हमले के घाव को नहीं भर सकती और न ही पीड़ित परिवारों के दर्द व पीड़ा को कम कर सकती है।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हालांकि, हमारी तरफ से यह एक छोटा सा प्रयास है ताकि इस मुश्किल वक्त में उन्हें कुछ मदद पहुंचाई जा सके।’’
उन्होंने शुक्रवार को कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
यह राशि जिला प्रशासन द्वारा घोषित छह-छह लाख रुपये की तत्काल सहायता के अतिरिक्त है।