परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा बढ़ाने से रियल एस्टेट क्षेत्र को राहत: निकाय

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-08-2026
Extension of deadline for completion of projects will bring relief to real estate sector: Body
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आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख निकाय क्रेडाई और नारेडको ने रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा चार महीने बढ़ाने संबंधी सरकार के परामर्श को इस क्षेत्र के कारोबारियों के लिए राहत भरी पहल बताया है।
 
निकायों ने कहा कि इससे निर्माण सामग्री की कमी से जूझ रहे डेवलपर्स को राहत मिलेगी। उन्होंने राज्यों के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों (रेरा) से यह समय सीमा जल्द से जल्द बढ़ाने का अनुरोध किया, ताकी इस उद्योग को राहत मिल सके।
 
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों के रेरा के लिए परामर्श जारी कर कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है, जिससे निर्माण सामग्री की कमी पैदा हो गई है और रियल एस्टेट परियोजनाओं का समय पर निर्माण प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पात्र परियोजनाओं के पंजीकरण और निर्माण पूरा करने की समयसीमा चार महीने बढ़ाई जाए।
 
इस परामर्श को लेकर क्रेडाई के अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा, ‘‘मंत्रालय का यह परामर्श रियल एस्टेट क्षेत्र की मांग के अनुरूप एक सकारात्मक कदम है।’’
 
पटेल ने कहा, ‘‘हालांकि युद्ध की वजह से आई रुकावटों के कारण इस उद्योग को निर्माण सामग्री की आपूर्ति और श्रमिकों की उपलब्धता में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन समय सीमा के विस्तार वाले परामर्श से डेवलपर्स को परियोजना पूरा करने की निर्धारित समय को मौजूदा बाज़ार की स्थिति के हिसाब से तय करने में मदद मिलेगी।’’
 
मंत्रालय को रियल एस्टेट क्षेत्र के हितधारकों से कई आवेदन मिले थे, जिनमें परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में आ रही रुकावटों को देखते हुए राहत की मांग की गई थी।
 
सिग्नेचर ग्लोबल के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं से निर्माण सामग्री की उपलब्धता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘चार महीने का विस्तार देने का सरकार का फैसला व्यावहारिक और दूरदर्शी है।’’
 
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष परवीन जैन ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण निर्माण सामग्री की उपलब्धता और लागत दोनों प्रभावित हुई हैं, जिससे परियोजनाओं में देरी होना स्वाभाविक है।’’
 
यह राहत उन परियोजनाओं पर लागू होगी, जिनकी मूल, संशोधित या पहले से बढ़ाई गई पूर्णता तिथि 28 फरवरी, 2026 या उसके बाद की है।
 
 
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