बेलगावी पर प्रस्ताव पारित करने में कोई कानूनी बाधा नहीं: मोहन कतारकी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 18-06-2026
No legal obstacles for passing resolution on 'Belagavi being integral part of Karnataka', says senior lawyer Mohan Kataraki
No legal obstacles for passing resolution on 'Belagavi being integral part of Karnataka', says senior lawyer Mohan Kataraki

 

बेलगावी (कर्नाटक)
 
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील मोहन कतारकी ने कहा कि बेलगावी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में बेलगावी को कर्नाटक का अभिन्न अंग घोषित करने वाला प्रस्ताव पास करने में "कोई कानूनी बाधा" नहीं है। महादयी नदी जल विवाद मामले में कर्नाटक सरकार का पक्ष रखने वाले कतारकी ने बेलगावी के सर्किट हाउस में कन्नड़-समर्थक कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। यह बैठक तब हुई जब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर ने कथित तौर पर ऐसे प्रस्ताव को पास करने में कानूनी बाधाओं का हवाला दिया था।
 
बेलगावी को कर्नाटक का अभिन्न अंग घोषित करने वाले प्रस्ताव को पास कराने के लिए कई कन्नड़ कार्यकर्ता सालों से संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ली है।
 
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कतारकी ने कहा, "बेलगावी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में कर्नाटक की ओर से प्रस्ताव पेश करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। बेलगावी ऐतिहासिक और कानूनी रूप से कर्नाटक का अभिन्न अंग है।" उन्होंने सीमा विवाद, महादयी प्रोजेक्ट और अलमट्टी जलाशय प्रोजेक्ट पर सरकार के रुख से जुड़े अहम मुद्दों को भी उठाया। कन्नड़-समर्थक समूहों द्वारा कई सालों से बेलगावी को कर्नाटक का अभिन्न अंग घोषित करने वाले प्रस्ताव की मांग की जा रही है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर द्वारा ऐसे प्रस्ताव को पास करने में कानूनी बाधाओं की बात कहने के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया।
 
बेलगावी को लेकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद अभी भी अदालतों में लंबित है। ये बातें ऐसे समय में कही गईं जब बेलगावी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में शहर के दर्जे पर प्रस्ताव पास करने को लेकर कन्नड़-समर्थक संगठनों के बीच चर्चा चल रही है।