आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की 12,668 करोड़ रुपये के बकाये के मामले में दायर याचिका स्वीकार कर ली और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रवर्तक एवं निदेशक वेणुगोपाल नंदलाल धूत को ‘‘दिवालिया’’ घोषित कर दिया है।
एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने धूत के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया संचालित करने के लिए एक दिवाला न्यासी भी नियुक्त किया है। धूत ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की ओर से एसबीआई और उसके पूर्व सहयोगी बैंकों से ली गई ऋण सुविधाओं के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी। इन सहयोगी बैंकों का बाद में एसबीआई में विलय हो गया था।
एनसीएलटी की दो सदस्यीय पीठ ने बृहस्पतिवार को पारित आदेश में कहा, ‘‘यहां व्यक्तिगत गारंटर वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित किया जाता है।’’
एनसीएलटी ने दिवाला न्यासी को निर्देश दिया कि वह धूत के लेनदारों से दावे आमंत्रित करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करे। उसने कहा कि ‘‘दिवालिया (धूत) की संपत्ति उनके लेनदारों के बीच बांटी जाएगी।’’
धूत को दिवाला कार्यवाही शुरू होने की तारीख से सात दिन के भीतर अपनी वित्तीय स्थिति का विवरण दिवाला न्यासी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया, ‘‘दिवालिया (धूत) इस आदेश की तारीख यानी दिवाला प्रक्रिया शुरू होने की तारीख से सात दिन के भीतर निर्धारित प्रारूप में अपनी वित्तीय स्थिति का विवरण दिवाला न्यासी को सौंपेंगे।’’