गढ़चिरौली (महाराष्ट्र)
गढ़चिरौली पुलिस ने 4 नवंबर को चलाए गए माओवाद-विरोधी तलाशी अभियान के दौरान, जिले के एक वन क्षेत्र से भारी मात्रा में विस्फोटक और माओवादियों से जुड़ी सामग्री बरामद की है, जिसे कथित तौर पर माओवादियों ने छिपाकर रखा था। यह बरामदगी गारापत्ती पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तव्वे वन क्षेत्र में हुई। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि जंगल में विस्फोटक और अन्य सामग्री छिपाई गई है। पुलिस के अनुसार, इन विस्फोटकों का इस्तेमाल माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए किया जाना था।
खुफिया जानकारी के आधार पर, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की चार टीमों और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) की दो टीमों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में चलाया गया। तलाशी के दौरान, टीमों ने 11 प्रेशर कुकर, कॉर्टेक्स तार के तीन बंडल, लगभग 3 किलोग्राम बारूद और चार डेटोनेटर बरामद किए। इसके अलावा, 12 वोल्ट की बैटरी, 250 ग्राम पटाखे का बारूद, चार स्टील के कंटेनर, तार के आठ बंडल, एक सोलर पैनल और माओवादी गतिविधियों से जुड़ी अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई।
पुलिस के मुताबिक, यह बरामदगी गढ़चिरौली में सुरक्षा को मजबूत करने और जिले में माओवादी गतिविधियों को रोकने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। पुलिस ने कहा कि वे क्षेत्र में एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं, खासकर तब जब जिले में माओवादी गतिविधियों में कमी आई है। इससे पहले 4 अक्टूबर को, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में - जो कभी नक्सली समस्या से बुरी तरह प्रभावित था - वहां के युवाओं ने देशभक्ति की भावना के साथ माओवादी विचारधारा को पीछे छोड़ते हुए, 'मिशन रक्षक' अभियान के तहत वर्दी पहनने का सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी है।
नक्सलवाद के खात्मे के बाद, कांकेर पुलिस ने 'मिशन रक्षक' नाम का एक अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार करना है। इस पहल के तहत, कांकेर पुलिस शारीरिक परीक्षण और लिखित परीक्षाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। जिले में आमबेड़ा, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कोयलीबेड़ा और पखांजूर सहित पाँच प्रमुख स्थानों पर चल रहे इस निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा हिस्सा ले रहे हैं। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में काफी संख्या में युवतियाँ भी भाग ले रही हैं।