नूंह में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ चैंपियनशिप, बदलेगी मेवात की पहचान

Story by  यूनुस अल्वी | Published by  [email protected] | Date 06-11-2026
International Golf Championship in Nuh set to transform Mewat’s identity
International Golf Championship in Nuh set to transform Mewat’s identity

 

यूनुस अलवी/नूंह (हरियाणा)

हरियाणा का नूंह जिला लंबे समय से पिछड़ेपन, कम शैक्षणिक सुविधाओं और बुनियादी विकास की चुनौतियों के कारण चर्चा में रहा है। नीति आयोग की पिछड़े जिलों की सूची में शामिल इस जिले की पहचान अक्सर साइबर ठगी, गोकशी और गो तस्करी जैसी नकारात्मक खबरों से जोड़कर देखी जाती रही है। लेकिन मेवात की तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। यहां के युवा शिक्षा, खेल और सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में लगातार अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। अब इस बदलती तस्वीर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नूंह जिले के तरुधन वैली गोल्फ रिजॉर्ट में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गोल्फ प्रतियोगिता आयोजित होने वाली है। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि मेवात को उसकी पुरानी नकारात्मक छवि से बाहर निकालकर नई पहचान दिलाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

नूंह जिले में मानेसर के पास स्थित तरुधन वैली में 12 से 15 नवंबर तक इंडिया इंटरनेशनल पिच एंड पुट ओपन 2026 गोल्फ चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। चार दिवसीय इस प्रतियोगिता में 14 देशों के कुल 72 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें 13 देशों के 56 विदेशी गोल्फर और भारत के 16 खिलाड़ी शामिल होंगे।

अलग-अलग देशों से आने वाले खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इससे भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और विदेशी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।

इस प्रतियोगिता की एक खास बात यह है कि इसका आयोजन मेवात की धरती पर हो रहा है। जिस क्षेत्र की चर्चा आमतौर पर विकास की चुनौतियों और सामाजिक समस्याओं के संदर्भ में होती रही है, वहां अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का पहुंचना अपने आप में महत्वपूर्ण है। खेल के माध्यम से किसी इलाके की पहचान बदलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नूंह के लिए यह आयोजन पर्यटन, खेल और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी नए अवसर पैदा कर सकता है।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण करेंगी। इस आयोजन को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का सहयोग भी प्राप्त है। आयोजकों का मानना है कि भारत में पिच एंड पुट गोल्फ को लोकप्रिय बनाने और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए देश की क्षमता प्रदर्शित करने में यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही विदेशी खिलाड़ियों को भारत की खेल सुविधाओं और यहां उपलब्ध प्रतिभाओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

तरुधन वैली की अपनी अलग पहचान

नूंह और मानेसर के बीच स्थित तरुधन वैली गोल्फ रिजॉर्ट इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए खास स्थान रखता है। यह ग्रुप सिल्वरग्लेड्स की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। करीब 65 एकड़ में फैली इस गोल्फ कम्युनिटी को प्राकृतिक वातावरण और आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां प्रसिद्ध गोल्फ कोर्स डिजाइनर ग्राहम कुक द्वारा तैयार किया गया नौ होल का गोल्फ कोर्स मौजूद है।

इस गोल्फ कोर्स के आसपास गोल्फ होम्स विकसित किए गए हैं। परिसर में अपार्टमेंट, विला और बाली शैली के लकड़ी के कॉटेज भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा क्लब हाउस, रिजॉर्ट होटल, कॉन्फ्रेंस सुविधाएं और गोल्फ ड्राइविंग रेंज जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। हरियाली से घिरा यह परिसर शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर खेल और आराम के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराता है।

तरुधन वैली का चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन स्थल के रूप में होने से इस क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। गोल्फ जैसे खेल के लिए उपयुक्त मैदान और आवासीय सुविधाएं किसी भी अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सफलता में अहम भूमिका निभाती हैं। इस लिहाज से तरुधन वैली की उपलब्ध सुविधाएं खिलाड़ियों और आयोजकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

क्या है पिच एंड पुट गोल्फ?

इस प्रतियोगिता का केंद्र पिच एंड पुट गोल्फ है। यह पारंपरिक गोल्फ का अपेक्षाकृत छोटा प्रारूप है। इसमें खिलाड़ियों को कम दूरी पर गेंद को निर्धारित होल तक पहुंचाना होता है। सामान्य गोल्फ की तुलना में इसका मैदान छोटा होता है। इसलिए खेल की अवधि और मैदान की जरूरत भी अपेक्षाकृत कम रहती है।

पिच एंड पुट गोल्फ दुनिया के करीब 47 देशों में खेला जाता है। इसका अंतरराष्ट्रीय संचालन फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल पिच एंड पुट एसोसिएशंस यानी FIPPA करता है। यह संस्था इस खेल के नियमों, प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके विस्तार से जुड़े काम देखती है।

इस खेल की खासियत यह है कि इसे पारंपरिक गोल्फ की तुलना में सीमित स्थान और संसाधनों में भी आयोजित किया जा सकता है। यही वजह है कि इसे नए देशों और क्षेत्रों में गोल्फ के विस्तार का एक व्यावहारिक माध्यम माना जाता है। भारत में भी पिच एंड पुट गोल्फ को लोकप्रिय बनाने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इंडिया इंटरनेशनल पिच एंड पुट ओपन 2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रतियोगिता में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी से भारतीय गोल्फरों को अंतरराष्ट्रीय नियमों, खेल की तकनीक और प्रतिस्पर्धा के स्तर को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा भारत में इस खेल के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

एशिया में गोल्फ का नया नेटवर्क तैयार करने की तैयारी

ffइंडियन पिच एंड पुट एसोसिएशन यानी IPPA के संस्थापक अध्यक्ष मुनीश अरोड़ा को एशिया में इस खेल का मजबूत ढांचा विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह काम FIPPA के नियमों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुरूप किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल भारत में प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं है, बल्कि एशियाई देशों में पिच एंड पुट गोल्फ के लिए एक नियमित और व्यवस्थित खेल नेटवर्क तैयार करना भी है।

इस योजना के तहत एशिया के अलग-अलग देशों में इस खेल का विस्तार करने, स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने और नियमित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। भविष्य में एशिया कप कराने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

यदि यह पहल सफल होती है तो भारत एशिया में पिच एंड पुट गोल्फ के प्रमुख केंद्रों में अपनी जगह बना सकता है। इससे भारतीय खिलाड़ियों को विदेशों में खेलने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही दूसरे देशों के खिलाड़ियों के लिए भारत में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का रास्ता भी आसान होगा।

इंडियन पिच एंड पुट एसोसिएशन की भूमिका इस लिहाज से महत्वपूर्ण है। किसी भी नए खेल को स्थापित करने के लिए केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए प्रशिक्षण, स्थानीय क्लब, प्रशिक्षित अधिकारियों और खिलाड़ियों की नियमित भागीदारी भी जरूरी होती है। एशिया में इस खेल का इकोसिस्टम तैयार करने की योजना इसी जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।

सोसायटी के चेयरमैन एसके शर्मा, जो सेवानिवृत्त आईपीए हैं, और चीफ पैट्रन पुनीत सिंह ने भी इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन का स्वागत किया है। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा। साथ ही एशिया में पिच एंड पुट गोल्फ को नई पहचान मिलेगी।

खेल पर्यटन से खुल सकते हैं विकास के नए रास्ते

नूंह जिले में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश के पिछड़े जिलों में विकास की संभावनाओं को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। मेवात जैसे क्षेत्र में खेल आयोजन केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहते। इनका असर पर्यटन, स्थानीय कारोबार और रोजगार पर भी पड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी, उनके प्रशिक्षक और अन्य प्रतिनिधि किसी भी क्षेत्र में पहुंचते हैं तो होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ती है। इससे स्थानीय कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना रहती है। यदि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से होते हैं तो नूंह और आसपास के क्षेत्रों में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि, इस तरह के आयोजनों का वास्तविक लाभ तभी व्यापक होगा, जब स्थानीय युवाओं और लोगों को भी इससे जोड़ा जाए। नूंह के युवाओं को गोल्फ और दूसरे खेलों से परिचित कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। स्थानीय स्कूलों और खेल संस्थानों को भी इस दिशा में शामिल किया जा सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता केवल कुछ दिनों का आयोजन बनकर नहीं रह जाएगी, बल्कि जिले में खेल संस्कृति विकसित करने का माध्यम बन सकेगी।

मेवात में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत बेहतर अवसरों, प्रशिक्षण और संसाधनों की है। शिक्षा और खेल के क्षेत्र में सामने आ रहे नए उदाहरण बताते हैं कि जिले के युवा अपनी परिस्थितियों से आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिता उनके सामने खेल की एक नई दुनिया खोल सकती है।

नूंह को नई पहचान दिलाने का अवसर

इंडिया इंटरनेशनल पिच एंड पुट ओपन 2026 का महत्व इस बात में भी है कि यह नूंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थान दिलाने का अवसर प्रदान कर रहा है। अभी तक मेवात की पहचान अक्सर सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के आधार पर तय होती रही है। लेकिन किसी भी क्षेत्र का मूल्यांकन केवल उसकी समस्याओं से नहीं किया जाना चाहिए। वहां के लोगों की मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

12 से 15 नवंबर तक तरुधन वैली में होने वाली यह प्रतियोगिता इसी बदलती तस्वीर का हिस्सा बन सकती है। इसमें 14 देशों के 72 खिलाड़ियों की भागीदारी भारत में पिच एंड पुट गोल्फ के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्था FIPPA की मान्यता भी इस आयोजन को विशेष महत्व देती है।

अब चुनौती यह है कि इस आयोजन से मिलने वाले अवसरों को लंबे समय के विकास में बदला जाए। नूंह में खेल सुविधाओं का विस्तार हो, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण मिले और खेल पर्यटन के लिए बेहतर योजनाएं बनाई जाएं। ऐसा होने पर तरुधन वैली की यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मेवात के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।

मेवात की धरती पर गोल्फ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का जुटना केवल खेल की खबर नहीं है। यह उस क्षेत्र की बदलती संभावनाओं का संकेत भी है, जिसे अक्सर उसकी समस्याओं के कारण पहचाना जाता रहा है। नूंह अब खेल और प्रतिभा के माध्यम से अपनी एक नई पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।