Navy Chief stresses on operational synergy to meet challenges in the Indo-Pacific region
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल के बीच समन्वय तथा पारस्परिक संचालन क्षमता के महत्व पर जोर दिया।
एडमिरल त्रिपाठी दो दिवसीय दौरे पर अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) आए थे, जहां उन्होंने परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त रूप से काम करने तथा बेहतर तालमेल मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि 21 से 22 अप्रैल तक इस दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बातचीत की और उन्हें क्षेत्र में जारी परिचालन गतिविधियों तथा पहलों की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि चर्चाओं का केंद्र परिचालन समन्वय को मजबूत करना, तैयारियों में सुधार करना और सेनाओं के बीच एकीकरण को गहरा करना रहा।
द्वीपों के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि एएनसी क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, निगरानी क्षमता बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, विशेषकर महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों के निकट होने के कारण।
उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से भी बातचीत की और देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में उनकी पेशेवर दक्षता, समर्पण और उच्च स्तर की परिचालन तत्परता की सराहना की।
इससे पहले जनवरी में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का दौरा किया था और भारतीय वायुसेना के कार निकोबार एयरबेस पर उन्नत रनवे का उद्घाटन किया था।