आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुंबई में 11 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही सोमवार को यहां की गलियां-कूचे ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठे और ढोल-नगाड़ों बीच श्रद्धालु भगवान गणेश की छोटी-बड़ी प्रतिमाओं को अपने घरों व मोहल्लों के पंडालों में विराजमान करने के लिए ले जाते नजर आए।
मुंबई की संकरी गलियों से लेकर मनमोहक कलाकृतियों से सजे भव्य मोहल्ला पंडालों तक, हर ओर भगवान गणेश के स्वागत की तैयारियां दिखाई दे रही हैं। आराध्य देव के वार्षिक आगमन ने मानो पूरे शहर को भक्ति और उत्सव के एक सूत्र में बांध दिया है।
गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) को होगा। इस दिन श्रद्धालु भव्य शोभायात्रा निकालते हुए गणपति की प्रतिमाओं को शहर के समुद्र तटों तक ले जाएंगे, जहां विधिवत और श्रद्धा के साथ उनका विसर्जन किया जाएगा।
बड़े गणेश मंडलों ने जहां पिछले कुछ सप्ताह के दौरान ही अपनी विशाल प्रतिमाओं को पंडालों में विराजमान कर दिया था, वहीं छोटे मंडलों और परिवारों ने रविवार रात भक्ति गीतों, जयघोष, ढोल-नगाड़ों और गुलाल के बीच अपने आराध्य को घर लाने की परंपरा निभाई।