नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार तड़के हुई तेज बारिश के साथ मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली। लगातार हो रही वर्षा से लोगों को पिछले कई दिनों से बनी उमस और गर्मी से राहत मिली है, हालांकि शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए दिनभर भारी बारिश की संभावना जताई है।
सुबह से जारी बारिश के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, मुनिरका और शहर के कई अन्य निचले इलाकों में पानी भर गया। जलभराव की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की टीमें जल निकासी के कार्य में जुटी हुई हैं।
आईएमडी के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश में 13 जुलाई तक और पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भी अच्छी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार तड़के लगभग 2:30 बजे दिल्ली का तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवाएं लगभग शांत रहीं, जबकि लगातार बारिश से मौसम सुहावना बना रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश राजधानी में पिछले कुछ दिनों से बनी अत्यधिक उमस से राहत दिलाने में मददगार साबित होगी। लगातार वर्षा से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
इस बीच, उत्तर भारत के कई अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। बुधवार को उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में हुई तेज बारिश ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में रातभर हुई भारी बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव हो गया। इसके चलते यातायात बाधित हुआ और पैदल चलने वालों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
वहीं, राजस्थान के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई। डूंगरपुर में रातभर गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार वर्षा से शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। पुराने शहर के घाटी, कनेरा पोल, मोची बाजार और भोईवाड़ा जैसे इलाकों में तीन फीट से अधिक पानी भर गया, जिससे लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों पर न जाने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था को मजबूत करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि भारी बारिश के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।