हज 2027 महंगा क्यों होगा, सऊदी नीतियां बनीं बड़ी वजह

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 09-07-2026
Why will Hajj 2027 be expensive? Saudi policies emerge as a major reason.
Why will Hajj 2027 be expensive? Saudi policies emerge as a major reason.

 

मलिक असगर हाशमी / नई दिल्ली

हज 2026 के दौरान बढ़े हुए खर्च को लेकर जिस तरह देशभर में चर्चा रही, उससे साफ है कि हज यात्रा अब पहले जैसी सस्ती नहीं रही। अगर आप वर्ष 2027 में हज पर जाने की योजना बना रहे हैं तो अभी से बजट तैयार करना होगा। इसकी वजह भारत सरकार नहीं है। असली कारण सऊदी अरब में बढ़ती लागत और वहां लागू हो रही नई आर्थिक नीतियां हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2027 का हज दुनिया के अधिकांश देशों के यात्रियों के लिए पहले से अधिक महंगा हो सकता है।

इसी बीच भारत सरकार ने हज 2027 की नई नीति जारी कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हज नीति की घोषणा करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इच्छुक यात्री अब हज समिति भारत की आधिकारिक वेबसाइट और हज सुविधा ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि समय से आवेदन शुरू करने का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है ताकि सऊदी अरब की तय समय सीमा का पालन किया जा सके।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हज 2027 महंगा क्यों होगा। इसका जवाब सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था और वहां की नई शुल्क व्यवस्था में छिपा है। पिछले कुछ वर्षों में सऊदी अरब ने हज और उमराह से जुड़ी कई सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि की है। होटल, परिवहन, स्थानीय सेवाएं, प्रशासनिक शुल्क और अन्य सुविधाओं की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। इन सभी का सीधा असर हज पैकेज पर पड़ता है।

इसके साथ ही विमान ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी भी खर्च बढ़ाने वाली बड़ी वजह बन रही है। हज के दौरान विशेष उड़ानों और नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जाता है। जब एविएशन फ्यूल महंगा होता है तो एयरलाइन कंपनियां किराया बढ़ाती हैं। यही अतिरिक्त बोझ अंततः हज यात्रियों पर आता है।

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एक और बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। हज से जुड़ी अधिकांश सेवाओं का भुगतान सऊदी रियाल या अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। जिन देशों की मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई है वहां यात्रियों को अपनी स्थानीय मुद्रा में अधिक भुगतान करना पड़ेगा। यही कारण है कि भारत सहित कई देशों में हज पैकेज की कीमत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इंडोनेशिया की संसद की धार्मिक मामलों की समिति ने भी हाल ही में इस मुद्दे पर चिंता जताई है। समिति के अध्यक्ष मारवान दासोपांग ने स्पष्ट कहा कि सऊदी अरब में बढ़ती कीमतों और करों को कोई भी देश नियंत्रित नहीं कर सकता।

इसलिए हज खर्च बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। इंडोनेशिया के हज और उमराह मंत्रालय ने भी चार प्रमुख कारण गिनाए हैं। इनमें सऊदी अरब में बढ़ती कीमतें, एविएशन फ्यूल की लागत, सरकारी सेवा शुल्क और डॉलर के मुकाबले कमजोर होती मुद्रा शामिल हैं। ये सभी कारण दुनिया के हर देश के यात्रियों को प्रभावित करते हैं।

इतिहास भी यही बताता है कि जब भी सऊदी अरब ने टैक्स बढ़ाया है तब दुनिया भर में हज महंगा हुआ है। वर्ष 2018 में सऊदी सरकार ने हज और उमराह सेवाओं पर पांच प्रतिशत टैक्स लगाया था। इसके बाद वर्ष 2020 में वैट को बढ़ाकर पंद्रह प्रतिशत कर दिया गया। इन फैसलों के बाद भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया और कई अरब देशों में हज पैकेज की कीमत बढ़ी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2027 में भी वही स्थिति दोहराई जा सकती है।

हालांकि हर देश में हज का अंतिम खर्च एक जैसा नहीं होगा। कुछ सरकारें अपने नागरिकों को राहत देने के लिए सब्सिडी या विशेष फंड का उपयोग करती हैं। इंडोनेशिया इसका बड़ा उदाहरण है।

वहां हज फंड मैनेजमेंट एजेंसी यात्रियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ का एक हिस्सा वहन करती है। दूसरी ओर कई देशों में पूरा खर्च सीधे यात्रियों से लिया जाता है। इसी कारण अलग अलग देशों में हज पैकेज की कीमत अलग दिखाई देती है।

भारत सरकार की नई हज नीति में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इस बार भी हज समिति भारत और निजी हज ऑपरेटरों के बीच सीटों का अनुपात सत्तर और तीस रहेगा।

हज समिति भारत के पास एक लाख बाइस हजार पांच सौ अठारह सीटें होंगी जबकि निजी क्षेत्र को बावन हजार पांच सौ सात सीटें मिलेंगी। सरकार ने यह भी कहा है कि भारतीय हज कोटा बढ़ाने के लिए सऊदी अरब से बातचीत जारी रहेगी।

हज 2027 में कई सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। मीना में सोफा कम बेड की व्यवस्था होगी। मक्का और मदीना के बीच हाई स्पीड ट्रेन की सुविधा मिलेगी। होटल जैसी आवास व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। बीस दिन वाला शॉर्ट हज पैकेज भी जारी रहेगा। इस बार कोलकाता को भी नए एम्बार्केशन प्वाइंट के रूप में शामिल किया गया है ताकि पूर्वी भारत के यात्रियों को सुविधा मिल सके।

नई नीति में प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों के लिए भी राहत दी गई है। हज 2026 की अंतिम प्रतीक्षा सूची के शीर्ष बीस प्रतिशत आवेदकों को इस बार प्राथमिकता मिलेगी। राज्य हज निरीक्षकों की संख्या भी बढ़ाई गई है। अब प्रत्येक एक सौ पैंतीस यात्रियों पर एक निरीक्षक तैनात किया जाएगा जबकि पहले यह अनुपात एक सौ पचास यात्रियों पर एक निरीक्षक का था।

स्वास्थ्य सुरक्षा को भी नई नीति का अहम हिस्सा बनाया गया है। सऊदी अरब के मेडिकल मानकों के अनुसार जांच होगी। गंभीर और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों की स्क्रीनिंग पहले से अधिक सख्ती से की जाएगी ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह का स्वास्थ्य संकट न आए।

इस बार पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का व्यापक उपयोग भी किया जाएगा। आवेदन पत्रों की जांच, दस्तावेज सत्यापन, उड़ानों की योजना, शिकायत निवारण और यात्रियों की सहायता में एआई की मदद ली जाएगी।

सरकार एक ऐसा एआई आधारित डिजिटल सहायक भी तैयार कर रही है जो हिंदी, उर्दू और कई भारतीय भाषाओं में चौबीसों घंटे जानकारी उपलब्ध कराएगा। इससे पहली बार हज पर जाने वाले और बुजुर्ग यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हज 2026 के सफल संचालन के लिए भारतीय हज मिशन को सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय की ओर से दो लब्बैतुम पुरस्कार भी मिले हैं। भारत को पहली बार सर्वश्रेष्ठ समन्वय और संचार श्रेणी में यह सम्मान दिया गया। इससे भारतीय हज प्रबंधन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है।

कुल मिलाकर तस्वीर साफ है। हज 2027 का संभावित खर्च बढ़ने के पीछे भारत सरकार नहीं बल्कि सऊदी अरब में बढ़ती सेवा लागत, टैक्स, विमान ईंधन की कीमतें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं।

भारत सरकार ने अपनी ओर से आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया है और यात्रियों के लिए नई सुविधाएं जोड़ी हैं। इसलिए जो लोग अगले वर्ष हज पर जाने की योजना बना रहे हैं उन्हें समय पर आवेदन करने के साथ साथ बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए अभी से आर्थिक तैयारी भी शुरू कर देनी चाहिए।

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हज 2027 महंगा क्यों होगा?
सऊदी अरब में बढ़ती सेवा फीस, टैक्स, होटल लागत, विमान ईंधन की कीमत और डॉलर की मजबूती के कारण।

क्या भारत सरकार ने हज का खर्च बढ़ाया है?
नहीं। बढ़ी हुई लागत का मुख्य कारण सऊदी अरब की आर्थिक नीतियां और वैश्विक महंगाई है।

हज 2027 के लिए आवेदन कैसे करें?
हज समिति भारत की आधिकारिक वेबसाइट और हज सुविधा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

हज 2027 में क्या नई सुविधाएं मिलेंगी?
हाई स्पीड ट्रेन, बेहतर आवास, शॉर्ट हज पैकेज, एआई सहायता, सख्त मेडिकल जांच और अधिक हज निरीक्षक उपलब्ध होंगे।