आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मेघालय सरकार ने 2025 में राज्य में अपने पति की हत्या करने की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले की मुख्य आरोपी को जमानत देकर गलती की है। उन्होंने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने का अनुरोध किया।
मेहता ने कहा कि सोनम को इस आधार पर जमानत दी गई कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तार किए जाने के आधार की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का मामला एक ऐसे प्रावधान से जुड़ा है, जिसका उल्लेख टाइपिंग की गलती की वजह से गलत तरीके से हो गया था।’’
मेहता ने इस बात पर भी जोर दिया कि आरोपी के फरार होने की आशंका है।
पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम को पिछले साल जून में अपने व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।
हनीमून के लिए मेघालय आया यह नवविवाहित दंपति पिछले वर्ष 23 मई को सोहरा इलाके में लापता हो गया था। इसके बाद राजा रघुवंशी का शव दो जून 2025 को एक गहरी खाई में मिला था।
पुलिस ने आरोप लगाया है कि सोनम रघुवंशी ने भाड़े के हमलावरों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी।
मेघालय उच्च न्यायालय ने सोनम रघुवंशी को जमानत देने के एक अधीनस्थ अदालत के आदेश को 29 जून को बरकरार रखा था।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।