आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से सीमा व्यापार के लिए चीन नियंत्रित तिब्बत की यात्रा करने वाले भारतीय व्यापारियों को आशंका है कि तकलाकोट बाजार तक पहुंचने में इस साल एक बार फिर उन्हें देरी का सामना करना पड़ सकता है।
व्यापारियों के मन में यह आशंका तकलाकोट में मौजूद नेपाली व्यापारियों से व्हाट्सएप पर मिले उस संदेश के बाद पैदा हुई है, जिसमें चीनी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि उनकी तरह अब भारतीय व्यापारियों को भी कारोबार के लिए लाए गए सामान की सूची दिखानी होगी, जिस पर भारतीय व्यापार अधिकारी के दस्तखत मौजूद हों।
धारचूला में ‘बॉर्डर ट्रेडर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंग्कली ने कहा, “अगर चीनी अधिकारियों के हवाले से दी गई यह सूचना सही है, तो हमें अपने अधिकारी के हस्ताक्षर वाली सामान सूची तैयार करनी होगी, जिसके कारण इस साल सीमा व्यापार में और देरी होगी।”
रोंग्कली के मुताबिक, इस साल सीमा व्यापार में विभिन्न कारणों से पहले ही एक महीने से अधिक की देरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि व्यापारी आठ जुलाई तक तकलाकोट बाजार पहुंचने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अगर प्रशासन को आधिकारिक रूप से ऐसी सूचना मिली है, तो यात्रा में और देरी होगी।
रोंग्कली ने कहा, “अगर हम समय से पहुंच चुके होते, तो अब तक हम अपना 30 फीसदी से अधिक सामान बेच चुके होते।”