आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने एनएमसी हेल्थ पीएलसी, एनएमसी हेल्थकेयर लिमिटेड और एनएमसी होल्डिंग लिमिटेड को 60 करोड़ डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) का भुगतान कर अदालत के बाहर समझौता कर लिया है।
बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसने अपनी अबू धाबी शाखा के माध्यम से इस राशि का भुगतान किया है।
यह मामला अबू धाबी ग्लोबल मार्केट (एडीजीएम) और ब्रिटेन के दिवाला कानूनों के तहत चल रही कार्यवाही और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सिविल कानून से संबंधित था।
बैंक ने कहा, ‘‘एनएमसी हेल्थ पीएलसी, एनएमसी हेल्थकेयर लिमिटेड, एनएमसी होल्डिंग लिमिटेड और उनके संयुक्त प्रशासकों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ अपने दावों का निपटान कर लिया है। इस समझौते के तहत 60 करोड़ डॉलर का भुगतान किया गया है।’’
बीओबी ने कहा कि समझौते के तहत सभी दावे और कार्रवाई के आधार समाप्त कर दिए गए हैं और इसमें किसी भी पक्ष द्वारा देनदारी या गलत आचरण को स्वीकार नहीं किया गया है। समझौते की अन्य शर्तें गोपनीय रखी गई हैं तथा बैंक की देनदारी इसी राशि तक सीमित है।
बैंक के मुताबिक, निपटान समझौते के बाद एडीजीएम में चल रही कार्यवाही बंद कर दी गई है, जबकि ब्रिटेन में जारी कार्यवाही को बंद करने की प्रक्रिया जारी है।
इस सूचना के सामने आने के बाद बीएसई पर बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 4.18 प्रतिशत गिरकर 260.15 रुपये के भाव पर बंद हुआ।
इस बीच, बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक अलग सूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उसका कुल कर्ज 17 प्रतिशत बढ़कर 14.17 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 12.07 लाख करोड़ रुपये था।