Mann said on the Akal Takht order against him: I am not the person seen in the video
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त द्वारा एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु विद्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किये जाने के एक दिन बाद उन्होंने मंगलवार को कहा कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति वह नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि धार्मिक संस्थाओं के शीर्ष पदाधिकारी अपने ‘‘राजनीतिक आकाओं के इशारे पर’’ उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह मामला इस साल जनवरी में अकाल तख्त द्वारा मान को तलब किये जाने से संबंधित है। ‘गुरु की गोलक’ (गुरुद्वारे का दान-पात्र) के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने और एक वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं तथा मारे गए चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ ‘‘आपत्तिजनक गतिविधियों’’ में शामिल होने को लेकर उन्हें तलब किया गया था।
मान ने मंगलवार को अपने वीडियो संदेश में कहा कि उनके खिलाफ जारी ‘हुकमनामा’ में दावा किया गया है कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति वही हैं और इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस वीडियो को पूरी तरह खारिज करता हूं।’’
मान ने कहा कि जब उन्हें पहले अकाल तख्त में बुलाया गया था, तब भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि कथित वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मेरे कद-काठी से मेल नहीं खाता।’’
मान ने अकाल तख्त के जत्थेदार की ओर इशारा करते हुए कहा, “लेकिन मुझे इस बात को लेकर आश्चर्य है कि धार्मिक संस्थाओं के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर इस तरह के झूठे प्रचार कर रहे हैं।”
उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री के खिलाफ फ़रमान जारी किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ये लोग मुझे बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं, क्योंकि मैं पानी, ‘गुरबाणी’, खेती और युवाओं की सुरक्षा के लिए फैसले ले रहा हूं, जो उन्हें स्वीकार नहीं है।’’