आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की, एक निजी राजनीतिक परामर्श कंपनी के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान उनके आचरण को लेकर शुक्रवार को निंदा की।
केंद्र में सत्तारूढ़ और पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि बनर्जी के कृत्यों से संकेत मिलता है कि उन्होंने ‘‘कुछ संवेदनशील चीज को बचाने’’ की कोशिश की, जिससे वह और उनकी पार्टी कथित कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन के मामले में फंस सकती हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को धमकाने और छापेमारी के दौरान उनसे दस्तावेज ‘छीनने’ के लिए आरोपी बनाया जाना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी की बर्बर कार्रवाई की परिस्थितियां संदिग्ध हैं।’’
प्रसाद ने आरोप लगाया कि बनर्जी, राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ, एक निजी परामर्श कंपनी के परिसर में जबरन दाखिल हुईं, जहां एक जांच चल रही थी। उन्होंने ईडी के जांच अधिकारियों को धमकाया और ‘कागजात छीनकर’ अपने साथ ले गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘ गत 14 वर्षों से मुख्यमंत्री रहने के कारण उन्हें शासन के तौर-तरीकों की अच्छी जानकारी है। वे अतीत में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।’’
प्रसाद ने आरोप लगाते हुए सवाल किया, ‘‘इसका मतलब है कि वह कोई संवेदनशील चीज बचाने की कोशिश कर रही थीं, जो उन्हें और उनके दल को फंसा सकती थी। इसके अलावा और क्या अनुमान लगाया जा सकता है? उन्हें किस बात का डर था?’’