Women are leaders, not just participants; Nari Shakti Vandan Act should be implemented: Rahatkar
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा है कि भारत में महिलाएं केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता हैं और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम जल्द लागू किया जाएगा।
73वें और 74वें संविधान संशोधनों के बाद पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उदाहरण देते हुए रहाटकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि महिलाओं ने, जब भी उन्हें अवसर मिला है, अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में महिलाएं केवल भागीदार नहीं हैं, बल्कि वे ऐसी महिलाएं हैं जो देश का नेतृत्व करती हैं। यह केवल कहने की बात नहीं है। हमने प्राचीन काल से ऐसा देखा है। भारत में महिलाओं ने समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया है।’’
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का जिक्र करते हुए रहाटकर ने कहा कि शुरुआत में इस बात को लेकर संदेह जताया गया था कि महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर पाएंगी या नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में लोगों को लगता था कि महिलाएं किस तरह काम करेंगी और उन्हें लगता था कि वे केवल पांच साल के लिए इस व्यवस्था में आई हैं। हालांकि, महिलाओं ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया है कि कई राज्य सरकारों ने आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है।’’