भाजपा सरकार में मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार का पर्याय बना, प्रधानमंत्री मौन हैं: खरगे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-07-2026
Madhya Pradesh has become synonymous with corruption under the BJP government
Madhya Pradesh has become synonymous with corruption under the BJP government

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार में मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह ने जवाबदेही की धारणा को सत्ता के अहंकार तले रौंद दिया है।

उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश में एथेनॉल के नाम पर 1,200 करोड़ रुपये का चावल घोटाला सामने आया है तथा राज्य में व्यापमं से शुरू हुई लूट एवं भ्रष्टाचार के अनगिनत मामलों के बावजूद यह सिलसिला थमा नहीं है।
 
कांग्रेस अध्यक्ष के आरोप पर मध्यप्रदेश सरकार या भाजपा ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
 
खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘एक घोटाला खत्म नहीं होता, दूसरा सामने आ जाता है। अब एथेनॉल के नाम पर 1200 करोड़ रुपये का चावल घोटाला सामने आया है। जिस चावल को कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए इस्तेमाल होना था, उसी चावल को मुनाफे के खेल में घुमाया गया।’’
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘पांच लाख मीट्रिक टन चावल, राइस मिलरों, एथेनॉल माफिया और भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार के इस खेल का हिस्सा बना दिया गया। भाजपा और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से जनता के हक के अनाज पर डाका डाला जा रहा है।’’
 
उन्होंने आरोप लगाया,‘‘इसके पहले जमीनों के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया। उज्जैन में उन्हीं इलाकों में जमीनों का विस्तार हुआ, जहां सरकारी बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं और राजमार्ग प्रस्तावित थे। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव के ऊपर ही सवालिया निशान खड़े हुए।’’
 
खरगे ने कहा, ‘‘हर तरफ, हर विभाग में लूट और अपनी जेबें भरने का खेल, यही भाजपा की सत्ता की लूट की कहानी है।’’
 
उन्होंने दावा किया, ‘‘व्यापमं से शुरू हुई यह लूट, अनगिनत पेपर लीक, भ्रष्टाचार के अनगिनत मामलों के बावजूद आज भी थमी नहीं है।’’
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार का मॉडल बना दिया है और मोदी जी हर बार की तरह बस मौन साधे बैठे रहते हैं। सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की धारणा को मोदी-शाह ने सत्ता के अहंकार तले रौंद दिया है।’’