बंगाल सरकार ने समान नागरिक संहिता विधेयक के मसौदे की जांच के लिए समिति बनाई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-07-2026
Bengal government forms committee to examine draft Uniform Civil Code Bill
Bengal government forms committee to examine draft Uniform Civil Code Bill

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे की समीक्षा करने के लिए उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है।

शुक्रवार को जारी सरकारी अधिसूचना में कहा गया कि प्रस्तावित कानून के “व्यापक असर और विशाल स्वरूप” को देखते हुए यह समिति गठित की गई।
 
इसमें कहा गया है कि कोई भी अगला कदम उठाने से पहले समिति मसौदा विधेयक की पूरी जांच करेगी।
 
राज्य सरकार ने कहा है कि उसने धर्म, आस्था या समुदाय से परे, राज्य के निवासियों के व्यक्तिगत दीवानी मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा बनाने के मकसद से विधेयक का मसौदा तैयार किया है।
 
इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित कानून का मकसद शादी, तलाक, बिना वसीयत के उत्तराधिकार और वसीयत के जरिए उत्तराधिकार से जुड़े मुद्दों को हल करना है।
 
अधिसूचना के मुताबिक, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई इस समिति की अध्यक्षता करेंगी।
 
अन्य सदस्यों में मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय, स्थानिक आयुक्त दुष्यंत नारियाला, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष, शिक्षाविद् डॉ. रत्ना भट्टाचार्य, गौर बंग विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गोपालचंद्र मिश्रा, वकील उस्मान गनी मल्लिक और निर्मल्य भट्टाचार्य शामिल हैं।
 
यह समिति दो जुलाई को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले के बाद बनाई गई है।
 
प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस विषय के व्यापक असर और इसकी विशाल प्रकृति को देखते हुए, मसौदा विधेयक की विस्तृत जांच और समीक्षा के लिए इसे गठित किया गया है।”
 
एक और वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित कानून पर कोई भी फैसला लेने से पहले समिति मसौदा दस्तावेज का विस्तार से अध्ययन करेगी और सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।