इंद्रजीत मंडल की हत्या ‘लिंचिंग’ नहीं, पहचान सुनिश्चित करने के बाद मारा : शुभेंदु अधिकारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-07-2026
Indrajit Mandal's murder was not a lynching, he was killed after ascertaining his identity: Shubhendu Adhikari
Indrajit Mandal's murder was not a lynching, he was killed after ascertaining his identity: Shubhendu Adhikari

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 11 वर्षीय लड़की का शव बरामद होने के बाद इंद्रजीत मंडल की हत्या को शनिवार को ‘लिंचिंग’ (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) मानने से इनकार करते हुए कहा कि ‘‘हत्या’’ से पहले मंडल की पहचान सुनिश्चित कर ली गई थी।

संबंधित मामले में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी गई थी और शव को बोरे में भरकर एक तालाब में फेंक दिया गया था। बच्ची का शव बरामद होने के कुछ घंटे बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने उसकी मौत में शामिल होने के संदेह में मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
 
मुख्यमंत्री यह भी आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में तालाब से शव मिलने के बाद भड़की हिंसा में कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों या चुनाव में जनता द्वारा नकारे गए लोगों का हाथ हो सकता है।
 
शुभेंदु अधिकारी ने पीट-पीटकर मारे गए व्यक्ति के परिजन को नौकरी का नियुक्ति पत्र और 25 लाख रुपये का चेक सौंपने के बाद यह टिप्पणी की। इससे पहले उन्होंने मृतक बच्ची के माता-पिता से उनके घर पर मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
 
मुख्यमंत्री ने इससे पहले कहा था कि ऑटो रिक्शा चालक मंडल निर्दोष था और उसकी पीट-पीटकर हत्या करने में शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इंद्रजीत की मौत भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के कारण नहीं हुई। उसकी हत्या से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित कर ली गई थी।’’
 
शुभेंदु ने कहा कि मंडल के बड़े भाई को नागरिक स्वयंसेवक के पद का नियुक्ति पत्र और उसके माता-पिता को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा गया है।