गंगटोक।
सिक्किम के गंगटोक जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा बहने और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश से सड़क और आवासीय ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। स्थिति को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन शुरू कर दिया है।
DDMA के अनुसार, काबी टिंगदा के विधायक छेरिंग टी. भूटिया के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने बुधवार और गुरुवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया। टीम में विधायक के ओएसडी, पार्षद, DDMA के अधिकारी, सड़क एवं पुल विभाग के इंजीनियर, रांका ब्लॉक विकास अधिकारी और राजस्व विभाग के सर्वेक्षक शामिल थे।
संयुक्त टीम ने भूस्खलन, सड़क अवरोध, कीचड़ और मलबे के बहाव के साथ-साथ आवासीय भवनों को हुए नुकसान का मौके पर निरीक्षण किया।
भूस्खलन और मलबा आने से जिले के कई प्रमुख मार्ग प्रभावित हुए हैं। इनमें बोजोघारी के पास लुइंग-रांका हाईवे, लोअर बोजोघारी, लिंगडिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कॉलोनी, अपर जेड-बोजोघारी, पांगथांग-लिंगडोक रोड, पामरो गांव, लिंग पेरबिंग, अपर और मिडिल लुइंग, फेंजोंग, रांका, रकडोंग टिंटेक, दरागांव अपर बर्टुक, सिचे, अरिथांग और आसपास के इलाके शामिल हैं।
कई सड़क मार्ग अब भी मलबे से अवरुद्ध हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा है और कई आवासीय ढांचे असुरक्षित स्थिति में पहुंच गए हैं।
बारिश और भूस्खलन से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ा है। सिचे स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को नुकसान पहुंचा है। वहीं, एंचे स्कूल के पास स्थित 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के आसपास बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। अधिकारियों ने इसे संभावित खतरा माना है।
भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर तत्काल एहतियाती कदम के तौर पर तिरपाल लगाए गए हैं, ताकि बारिश का पानी जमीन में ज्यादा न जा सके और स्थिति और खराब न हो।
जिला कलेक्टर और DDMA के अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को सड़कों और मलबे को जल्द साफ करने, प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने, नुकसान का सत्यापन करने और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मैदानी टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं और नुकसान की गंभीरता के आधार पर राहत एवं बहाली के काम को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में बेहद सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। रात के समय विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
अस्थिर ढलानों के पास रहने वाले लोगों को जमीन में दरारें पड़ने, ढलान खिसकने या मलबा गिरने जैसे संकेतों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है, ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई की जा सके।