Kuki MLAs attend assembly session for the first time since ethnic violence in Manipur
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मणिपुर में तीन साल से अधिक समय पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद पहली बार कुकी समुदाय के विधायकों ने बुधवार को इंफाल में विधानसभा के सत्र में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कुकी पीपुल्स अलायंस (केपीए) के सैकुल से विधायक किमनेओ हाओकिप हांगशिंग और सैतु सीट से निर्दलीय विधायक हाओखोलेट किपगेन ने विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही में भाग लिया। दोनों विधायक कांगपोकपी जिले से हैं।
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने भी सत्र की बैठक में ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस घटनाक्रम को ‘‘राज्य में एकता और शांति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम’’ बताया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘‘यह जनप्रतिनिधियों की ओर से एक अच्छा संकेत है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए... सामूहिक प्रयासों से मणिपुर शांति के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है।’’
सिंह ने इस घटनाक्रम का श्रेय विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने और उसे कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को दिया। उन्होंने समावेशी संवाद और मेल-मिलाप के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इससे पहले कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन ‘कुकी इनपी मणिपुर’ (केआईएम) ने समुदाय के सभी विधायकों को बुधवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए मेइती बहुल इंफाल की यात्रा नहीं करने का निर्देश दिया था। संगठन का कहना था ऐसा इसलिए क्योंकि कुकी-जो समुदाय की अलग प्रशासन की मांग पर अभी तक कोई राजनीतिक समाधान नहीं हुआ है।