दिमाग की गतिविधियां पढ़ने वाले उपकरण जल्द होंगे आम, नई पीढ़ी पर क्या होगा असर?

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-09-2026
Devices that read brain activity will soon become commonplace
Devices that read brain activity will soon become commonplace

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 दिमाग की गतिविधियों को पढ़ने वाले ईयरबड अब विज्ञान-कथा की बात नहीं रह गए हैं और जल्द ही रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि इन उपकरणों के आम होने से ऐसी पीढ़ी विकसित हो सकती है, जो बचपन से ही न्यूरोटेक्नोलॉजी के साथ बड़ी होगी।
 
न्यूरल तकनीक से जुड़े उपकरण बनाने वाली कंपनी ‘न्यूरेबल’ का दावा है कि उसके इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी (ईईजी) सेंसर वाले हेडफोन थकान पर नजर रख सकते हैं और काम के दबाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। वहीं, ‘नेक्स्टसेंस’ के स्मार्टबड्स रात में दिमाग के विद्युत संकेतों को रिकॉर्ड कर नींद का विश्लेषण करते हैं और दिन में इन्हीं सेंसर की मदद से ये स्मार्टबड्स व्यक्ति के सबसे बेहतर प्रदर्शन वाले समय में कठिन काम तय करने में मदद करते हैं।
 
इस तकनीक में बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां भी रुचि ले रही हैं। एप्पल ने 2023 में ऐसे एयरपॉड्स के लिए पेटेंट आवेदन दायर किया था, जिनमें दिमाग की गतिविधियां मापने वाले इलेक्ट्रोड शामिल हैं। करोड़ों ईयरबड पहले ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं और एप्पल के इस क्षेत्र में प्रवेश से ईईजी तकनीक बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंच सकती है।