केएससीए ने अतिरिक्त 10,057 मुफ्त आईपीएल टिकटों की मांग की : बीसीसीआई सूत्र

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-05-2026
KSCA has demanded additional 10,057 free IPL tickets: BCCI sources
KSCA has demanded additional 10,057 free IPL tickets: BCCI sources

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ द्वारा अतिरिक्त 10,057 मानार्थ टिकटों की मांग किए जाने के कारण यहां के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम से इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल और प्लेऑफ मैचों को स्थानांतरित किया गया।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
 
परंपरा के अनुसार, मौजूदा चैंपियन होने के कारण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फाइनल की मेजबानी करनी थी।
 
आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने हालांकि ‘पीटीआई’ से कहा कि अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले इस स्टेडियम में मानार्थ टिकटों की अत्यधिक मांग के कारण यहां फाइनल आयोजित करना ‘असंभव’ हो गया था। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 दर्शकों की है।
 
इस सत्र के प्लेऑफ मुकाबले धर्मशाला (26 मई) और न्यू चंडीगढ़ (27 और 29 मई) में खेले जाएंगे, जबकि खिताबी मुकाबला 31 मई को नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में होगा।
 
सूत्र ने बताया, ‘‘केएससीए स्टेडियम क्षमता के 15 प्रतिशत तक मानार्थ टिकट पाने का हकदार है। हालांकि, केएससीए ने अतिरिक्त 10,057 टिकटों की मांग की थी।’’
 
इनमें से लगभग 900 पास केवल राज्य विधानसभा के सदस्यों की मांग पूरी करने के लिए आवश्यक थे।
 
उन्होंने कहा, ‘‘केएससीए ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को तीन-तीन मानार्थ पास देने पर सहमति जताई थी, जो कुल मिलाकर लगभग 900 पास होते हैं।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, विशेषज्ञ समिति और कर्नाटक सरकार के साथ अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं के लिए मानक 15 प्रतिशत के अलावा 750 अतिरिक्त मानार्थ टिकटों की आवश्यकता थी।’’
 
इससे प्रशंसकों के लिए सिर्फ 20,000 टिकट ही बचते।
 
सूत्र ने यह भी कहा कि केएससीए को रियायती दरों पर कुछ सशुल्क टिकटों की भी आवश्यकता थी।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें क्रिकेट खेलने वाले क्लबों के लिए पी3 स्टैंड में 2,000 रुपये की रियायती दर पर 3,007 टिकट और सदस्यों के पति-पत्नी तथा बच्चों के लिए मेंबर्स स्टैंड में 900 टिकट शामिल थे।’’
 
सूत्र ने कहा, ‘‘इसके अलावा, संघ को एम4 स्टैंड में औसतन लगभग 2,000 रुपये की दर से 1,000 टिकट और विभिन्न स्टैंडों में आजीवन सदस्यों के लिए 3,500 टिकट खरीदने की भी आवश्यकता थी।’’
 
ये आंकड़े धूमल के बयान की पुष्टि करते हैं।