कन्नूर (केरल)
कन्नूर में एक 33 वर्षीय व्यक्ति को रोबोट खिलौने के अंदर छिपाकर MDMA की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान पिनराई के पुथेनकंदम के रहने वाले ए. फैसल के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से 20.5 ग्राम MDMA बरामद किया गया। एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, कन्नूर टाउन पुलिस और डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक स्पेशल एक्शन फोर्स (DANSAF) की एक टीम ने फैसल को पकड़ा। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को "बहुत ही कुशल ऑपरेशन" बताया।
शुरुआती पूछताछ में फैसल ने पुलिस को बताया कि यह नशीला पदार्थ बेंगलुरु से पार्सल के ज़रिए भेजा गया था। यह ऑपरेशन कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर बी.वी. विजया भरत रेड्डी के निर्देश पर चलाया गया। टीम का नेतृत्व SI उन्नीकृष्णन पी. ने किया और इसमें SCPO बीजू, CPO जिशांत और रासिम के साथ-साथ DANSAF टीम के सदस्य भी शामिल थे।
पुलिस ने कहा कि पार्सल के स्रोत का पता लगाने और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। पिछले हफ्ते, पलक्कड़ नॉर्थ पुलिस और डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्पेशल एक्शन फोर्स (DANSAF) के एक संयुक्त ऑपरेशन में ओलावक्कोड जंक्शन पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, ये गिरफ्तारियां ड्रग तस्करी को रोकने के लिए शुरू किए गए 'ओणम स्पेशल ड्राइव' के तहत की गईं। गिरफ्तार लोगों की पहचान कोट्टायम के रहने वाले मुहम्मद निसिल और कर्नाटक के रहने वाले मुहम्मद अज़हरुद्दीन और उनकी पत्नी बी. फातिमा के तौर पर हुई है।
पुलिस ने आरोपियों से लगभग 1 किलो MDMA ज़ब्त किया। ऑपरेशन के दौरान कोकीन, ब्राउन शुगर, LSD स्टैम्प और हाइब्रिड गांजा भी बरामद किया गया। पुलिस पिछले तीन दिनों से ड्रग तस्करी के एक संदिग्ध नेटवर्क पर नज़र रख रही थी। जांच को तब एक अहम सुराग मिला जब गांजा ले जा रहा एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन पहुंचा। उससे मिली जानकारी के आधार पर, DANSAF टीम ने तस्करी करने वाले ग्रुप के लिए मुख्य आर्थिक स्रोत माने जा रहे एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की और उसे रोका।
रविवार रात ओलावक्कोड थानावु इलाके में एक लग्ज़री कार में यात्रा कर रहे इस व्यक्ति को पुलिस ने रोका। अधिकारियों ने बताया कि बाद में उससे मिली जानकारी से पुलिस को ड्रग्स की कथित खेप की आवाजाही का पता लगाने में मदद मिली। खबरों के मुताबिक, पुलिस ने तमिलनाडु के कुनियामुथुर इलाके से नशीले पदार्थों से लदी एक गाड़ी का पीछा किया। जब गाड़ी में सवार लोगों को निगरानी का पता चला, तो उन्होंने कथित तौर पर अपना रास्ता बदल लिया और वेलंथवलम और चित्तूर के रास्ते पलक्कड़ में घुसने की कोशिश की।
आखिरकार गाड़ी को ओलावकोड जंक्शन पर रोक लिया गया। संदिग्धों ने शुरू में गाड़ी रोकने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस की गाड़ी को उनके रास्ते में खड़ा कर दिया गया। इसके बाद संदिग्धों को काबू में किया गया और हिरासत में ले लिया गया।
गाड़ी की बारीकी से तलाशी सुबह करीब 2 बजे शुरू हुई और तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चली। खबरों के मुताबिक, आरोपी इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि नशीले पदार्थ नहीं मिल पाएंगे क्योंकि उन्हें बहुत सावधानी से छिपाया गया था।
आरोपियों ने तलाशी में सहयोग भी नहीं किया। आखिरकार सुबह करीब 5 बजे गाड़ी के डीज़ल टैंक के पास छिपाकर रखे गए एक खास तरह से पैक किए गए पैकेट से ड्रग्स बरामद किए गए। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों के एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। अब इस कथित नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान करने और इस काम में उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए जांच तेज़ कर दी गई है। यह ताज़ा बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब अधिकारी ओणम के त्योहार से पहले निगरानी और कार्रवाई के उपाय तेज़ कर रहे हैं; इस दौरान पुलिस एजेंसियां आम तौर पर नशीले पदार्थों की आवाजाही और वितरण के खिलाफ़ अपनी कोशिशें बढ़ा देती हैं।