आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को सन लाइल फाइनेंशियल और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) समेत कनाडा की विभिन्न वित्तीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके निवेश को बढ़ाने का आग्रह किया।
टोरंटो में सन लाइफ फाइनेंशियल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) केविन डी. स्ट्रेन के साथ द्विपक्षीय बैठक में सीतारमण ने बीमा क्षेत्र के उदारीकरण का उल्लेख किया। इसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करना और सरकार का ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ का लक्ष्य शामिल है।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि बैठक में भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, विस्तारित बाजार, व्यापक आर्थिक स्थिरता तथा तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल एवं भौतिक बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई, जो दीर्घकालिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न कर रहे हैं।
उन्होंने सन लाइफ के लिए बीमा, परिसंपत्ति प्रबंधन, वैकल्पिक निवेश और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के अवसरों को भी रेखांकित किया। इसमें ‘गिफ्ट आईएफएससी’ के माध्यम से अवसरों के साथ-साथ भारत की विकास गाथा में कनाडा के संस्थागत निवेशकों की अधिक भागीदारी भी शामिल है।
सन लाइफ भारत में बीमा एवं कोष प्रबंधन के क्षेत्र में मौजूद है तथा इसके अलावा भी उसकी अन्य कारोबारी गतिविधियां हैं।
एक अन्य बैठक में कैनाकोर्ड जेनुइटी के उपाध्यक्ष रॉड फिलिप्स तथा सीईओ डैन डेवियू ने कनाडा और भारत के बीच निवेश प्रवाह बढ़ाने की संभावनाओं को रेखांकित किया।