Kerala Chief Minister Satheesan raised the issue of Mullaperiyar Dam at the Southern Zonal Council meeting.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को चेन्नई में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया और स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में सहकारी संघवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
सतीशन द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गई एक ‘पोस्ट’ के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य से जुड़े जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया, उनमें मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा भी शामिल है।
सतीशन ने कहा कि केरलम नए मुल्लापेरियार बांध से तमिलनाडु को उसके हिस्से का पूरा पानी देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि नए बांध के डिजाइन, स्थान और निर्माण का जिम्मा तमिलनाडु संभालेगा जबकि इसका पूरा खर्च केरलम वहन करेगा।
तमिलनाडु लगातार कहता रहा है कि पुराना बांध सुरक्षित है, जबकि केरलम सरकार का कहना है कि यह असुरक्षित है और जलस्तर अधिक होने की स्थिति में यदि बांध टूटता है तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है। केरलम ने पुराने बांध का उपयोग बंद किए जाने की मांग की है।
सतीशन ने अपनी सरकार की ‘मिशन समुद्र’ परियोजना, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में हाल में किए गए संशोधनों को वापस लेने की जरूरत तथा सदन की सदस्य संख्या बढ़ाए बिना संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने की आवश्यकता का मामला भी उठाया।