आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि शैक्षणिक परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने से संबंधित 2026 के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के समानता संबंधी नियमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
उच्चतम न्यायालय ने 29 जनवरी को निर्देश दिया था कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 को फिलहाल स्थगित रखा जाए।
इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष हुई।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया, ‘‘यह यूजीसी के विनियमों से संबंधित मामला है। इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है।’’
पीठ ने यूजीसी को चार सप्ताह के भीतर एक विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा।
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इसके बाद, यदि कोई जवाब देना चाहें तो दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) दाखिल कर सकते हैं।
उच्चतम न्यायालय 2026 के विनियमों की वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।