Kashmiri diaspora protests outside Pakistan consulate in Bradford over violence in PoJK
लंदन [UK]
यूनाइटेड किंगडम में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के लोगों के समर्थन में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। वे हिंसा, नागरिकों की मौत, लंबे समय से लगी सैन्य और सुरक्षा पाबंदियों और खाने-पीने की चीज़ों व ज़रूरी दवाओं की सप्लाई में रुकावट की खबरों को लेकर चिंता जता रहे हैं। ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के बाहर 'पब्लिक एक्शन कमेटी' और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के लोगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। ये लोग अपने मौलिक अधिकारों, सम्मान, न्याय और लोकतांत्रिक आज़ादी की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने नागरिकों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग की खबरों की निंदा की है और महिलाओं, बच्चों व आम नागरिकों की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से उन पाबंदियों को तुरंत हटाने की भी अपील की है, जिनकी वजह से ज़रूरी खाने-पीने की चीज़ों, दवाओं और अन्य ज़रूरी सामान तक लोगों की पहुँच प्रभावित हो रही है। कश्मीरी समुदाय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से इस स्थिति पर ध्यान देने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि कश्मीरी लोगों के मौलिक मानवाधिकारों, लोकतांत्रिक और राजनीतिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
ब्रैडफोर्ड में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन का मकसद पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के लोगों के साथ एकजुटता दिखाना, मानवाधिकारों से जुड़ी चिंताओं को उजागर करना और बल प्रयोग के बजाय बातचीत के ज़रिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से इस स्थिति का समाधान निकालना है। 13 अगस्त को ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान, ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय के सदस्य ज़िया अहमद ने कहा कि कश्मीरी लोगों के मौलिक मानवाधिकारों, लोकतांत्रिक और राजनीतिक अधिकारों का सम्मान और उन्हें मान्यता दी जानी चाहिए।
अहमद ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में नागरिकों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग, नागरिकों की मौत, लंबे समय से लगी पाबंदियों और ज़रूरी खाने-पीने की चीज़ों व दवाओं की सप्लाई में रुकावट की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से इस स्थिति पर तुरंत ध्यान देने और कश्मीरी लोगों की सुरक्षा व मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने में प्रभावी भूमिका निभाने की अपील की। अहमद ने आगे कहा कि लोगों की जायज़ मांगों को बल प्रयोग के बजाय बातचीत और शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया के ज़रिए हल किया जाना चाहिए।
ब्रैडफोर्ड में यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब कश्मीरी समूहों और प्रवासी संगठनों ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) की स्थिति को लेकर चिंताएँ जताई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा और ज़रूरी सेवाओं तक पहुँच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जबकि राजनीतिक मतभेदों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।