झारखंड के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने हूल दिवस पर संथाल विद्रोह के नायकों को श्रद्धांजलि दी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-06-2026
Jharkhand CM, Governor pay tribute to Santhal rebellion heroes on Hul Diwas
Jharkhand CM, Governor pay tribute to Santhal rebellion heroes on Hul Diwas

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को ‘हूल दिवस’ के अवसर पर संथाल विद्रोह के आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदानों को याद किया।
 
ब्रिटिश शासन के खिलाफ 1855-56 में हुए संथाल विद्रोह की याद में हर साल ‘हूल दिवस’ मनाया जाता है। इस विद्रोह को ‘संथाल हूल’ के नाम से भी जाना जाता है। विद्रोह का नेतृत्व झारखंड में सिदो और कान्हू मुर्मू भाइयों ने किया था।
 
राज्यपाल गंगवार ने भी आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
 
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, ‘‘मैं हूल विद्रोह के अमर वीरों-सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो तथा सभी वीर नायकों और वीरांगनाओं को कोटि-कोटि नमन करता हूं। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उनका अदम्य साहस, संघर्ष और बलिदान हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।’’
 
वहीं, मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो सहित अनगिनत अन्य आदिवासी शहीदों का बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
 
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘हूल दिवस पर अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो सहित हूल क्रांति के सभी वीर शहीदों की शहादत को शत-शत नमन और हूल जोहार। आज के इस अवसर पर मैं हमारे इन वीर पुरुखों के महान माता-पिता - चुन्नी मांझी और सुबी हांसदा को भी हूल जोहार करता हूं।’’
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 जून 1855 को संथाल की क्रांतिकारी भूमि भोगनाडीह से उठी हूल की हुंकार ने शोषण और अन्याय की नींव को चुनौती दी थी।