आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जापान ने फरवरी में 57.3 अरब येन (36 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का व्यापार अधिशेष दर्ज किया, जो एक महीने पहले के घाटे से उलट है। यह जानकारी बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में दी गई।
जापान के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी मौसमी रूप से समायोजित प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में निर्यात उम्मीद से बेहतर 4.2 प्रतिशत बढ़कर 9570 अरब येन हो गया। आयात सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 9510 अरब येन रहा जबकि जनवरी में इसमें 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी। उस महीने जापान ने 1150 अरब येन का व्यापार घाटा दर्ज किया था।
अमेरिका तथा इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने और तेहरान के जवाबी कराईवाई करने से उत्पन्न स्थिति के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल एवं अन्य ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के चलते आयात लागत बढ़ने की संभावना है।
जापान अपना लगभग पूरा तेल आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत हाल के हफ्तों में बढ़कर लगभग 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता, विशेषकर ईरान में युद्ध, जापान की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बनी हुई है। हालांकि कमजोर येन कुछ राहत दे सकता है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन की विनिमय दर करीब 159 है, जबकि एक वर्ष पहले यह 150 येन से कम थी।
चीन को निर्यात में सालाना आधार पर 10.9 प्रतिशत की गिरावट आई, हालांकि इस वर्ष लूनर न्यू ईयर फरवरी में पड़ने के कारण मांग असामान्य रूप से कमजोर रही।