आवाज द वाॅयस / नई दिल्ली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एडमिशन की प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तय की गई है और अब इसमें बहुत कम समय बचा है। ऐसे में यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे बिना देरी किए अपना फॉर्म भर लें।
जामिया ने 20 फरवरी 2026 को एडमिशन प्रॉसेस की शुरुआत की थी। इसी दिन 150 पन्नों का प्रॉस्पेक्टस जारी किया गया था। इसमें एडमिशन से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दी गई है। कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी और परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक ने मिलकर इसे जारी किया। प्रॉस्पेक्टस में पात्रता, कोर्स, एंट्रेंस एग्जाम, एडमिट कार्ड, फीस और रिजल्ट की जानकारी साफ तौर पर दी गई है।
इस बार जामिया ने अपने कोर्स में बड़ा बदलाव किया है। यूनिवर्सिटी ने 30 नए प्रोग्राम शुरू किए हैं। इससे छात्रों के पास अब पहले से ज्यादा विकल्प होंगे। नए कोर्स में भाषा, साइंस, टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल स्टडीज शामिल हैं। बीए ऑनर्स में जापानी, जर्मन और उजबेक भाषा जैसे कोर्स जोड़े गए हैं। इसके साथ ही ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट भी शुरू किया गया है।
पोस्ट ग्रेजुएशन में भी नए विकल्प दिए गए हैं। एमएससी बायोसाइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी और बायोफिजिक्स जैसे कोर्स अब नई संरचना में पढ़ाए जाएंगे। एमए सोशल वर्क, एचआरएम और सोशियोलॉजी भी शुरू किए गए हैं। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी में एमएससी भी शामिल है।
टेक्निकल फील्ड के छात्रों के लिए भी अच्छी खबर है। बीटेक रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस साल का सबसे आकर्षक कोर्स माना जा रहा है। इसके अलावा सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी और कई इवनिंग इंजीनियरिंग कोर्स भी शुरू किए गए हैं। मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एमटेक भी जोड़ा गया है।
लॉ के छात्रों के लिए एलएलएम में तीन नए स्पेशलाइजेशन लाए गए हैं। इनमें क्रिमिनल लॉ, कॉर्पोरेट लॉ और पर्सनल लॉ शामिल हैं। इसके अलावा होटल मैनेजमेंट, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, लेदर और फुटवियर टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स भी शुरू किए गए हैं। आर्किटेक्चर और डिजाइन में भी नया पीजी डिप्लोमा लाया गया है।
सबसे राहत वाली बात यह है कि इस साल फीस नहीं बढ़ाई गई है। 2026-27 सत्र के लिए सभी कोर्स की फीस पहले जैसी ही रहेगी। इससे छात्रों पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस साल से एक बड़ा बदलाव भी लागू हो रहा है। चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में मल्टीपल एंट्री मोड शुरू किया गया है। इसका मतलब यह है कि छात्र अपनी पढ़ाई को अपनी जरूरत के हिसाब से जारी रख सकते हैं या बीच में छोड़कर फिर से जुड़ सकते हैं। इससे पढ़ाई में लचीलापन आएगा।
जिन कोर्स में सीटें खाली रहेंगी, उनमें एडमिशन के लिए 10 अप्रैल 2026 तक मौका दिया जाएगा। यानी छात्रों को एक अतिरिक्त मौका भी मिलेगा।
जामिया ने इस बार एंट्रेंस एग्जाम सेंटर भी बढ़ाए हैं। अब कुल 11 शहरों में परीक्षा होगी। जयपुर, देहरादून और किशनगंज को नए सेंटर के रूप में जोड़ा गया है। इसके अलावा दिल्ली, लखनऊ, पटना, कोलकाता, भोपाल, गुवाहाटी, श्रीनगर और कालीकट में भी परीक्षा होगी। इससे दूर-दराज के छात्रों को सुविधा मिलेगी।
विदेशी छात्रों के लिए भी जामिया ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने उनकी फीस में कमी की है। SAARC, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और लैटिन अमेरिका के छात्रों के लिए अलग फीस तय की गई है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा विदेशी छात्रों को आकर्षित करना है।
एडमिशन प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा गया है। जिन कोर्स में जामिया खुद एंट्रेंस परीक्षा लेगा, उनके लिए फॉर्म 25 मार्च तक भरे जा सकते हैं। वहीं कुछ कोर्स ऐसे हैं जिनमें एडमिशन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के आधार पर होगा। इनमें JEE Main, NEET, CUET और NATA शामिल हैं। इन कोर्स के लिए आवेदन रिजल्ट आने के 10 दिन बाद तक खुले रहेंगे।
यूनिवर्सिटी ने साफ कहा है कि छात्र आवेदन से पहले प्रॉस्पेक्टस जरूर पढ़ें। कई बार छोटी गलती भी फॉर्म रिजेक्ट करा देती है। इसलिए दस्तावेज सही रखें और जानकारी ध्यान से भरें।
अब समय बहुत कम बचा है। हर साल बड़ी संख्या में छात्र जामिया में एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं। सीटें सीमित हैं और मुकाबला कड़ा होता है। ऐसे में जो छात्र समय पर आवेदन करते हैं, उनके पास बेहतर मौका होता है।
जो छात्र 2026 में जामिया में पढ़ाई का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका है। 25 मार्च के बाद एंट्रेंस वाले कोर्स के लिए आवेदन बंद हो जाएंगे। इसलिए देर न करें और जल्द से जल्द फॉर्म भरें।