आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बेंगलुरु में महंगे बस किराए के खिलाफ एक परिवार का विरोध करने का तरीका चर्चा का विषय बन गया। उगादी और ईद-उल-फित्र से पहले बढ़ते किराए को लेकर नाराजगी जताने के लिए परिवार ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को “पार्सल” के रूप में भेजने की कोशिश की।
यह घटना शहर के व्यालिकावल इलाके में मंगलवार शाम हुई। पुलिस के मुताबिक, परिवार एक निजी कूरियर सेंटर पहुंचा और कर्मचारियों से कहा कि वे बुजुर्ग व्यक्ति को पार्सल के तौर पर भेजना चाहते हैं। उनका दावा था कि यह कदम केवल एक प्रतीकात्मक विरोध है, जिससे लोगों का ध्यान बढ़ते बस किराए की ओर खींचा जा सके।
कूरियर कर्मचारियों ने इस अजीब मांग को गंभीरता से लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान परिवार ने बताया कि यह एक तरह का स्टंट था, जिसे सोशल मीडिया पर वीडियो के रूप में साझा करने की योजना थी। इसके लिए उन्होंने बुजुर्ग को बोरे में बैठा दिया था।
हालांकि यह विरोध जल्द ही खतरनाक साबित होने लगा। पुलिस के अनुसार, बोरे के अंदर बैठे बुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद परिवार ने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस व आम लोगों से माफी मांगी।
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह का कदम किसी की जान के लिए खतरा बन सकता था और इसके गंभीर कानूनी परिणाम भी हो सकते थे। फिलहाल परिवार के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया, लेकिन उन्हें सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने की होड़ में लोग कई बार जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं, जो गंभीर परिणाम दे सकते हैं।