Is Shivakumar the Chief Minister of only Congress-represented areas: BJP leader Ashok
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से सवाल किया कि क्या वह केवल कांग्रेस के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों के ही मुख्यमंत्री हैं?
उन्होंने इसके साथ ही सरकार पर बेंगलुरु की आधारभूत अवसंरचना और सड़क विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये के पैकेज के ‘भेदभावपूर्ण आवंटन’ का आरोप लगाया।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सवाल किया कि क्या भाजपा विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में रहने वाले बेंगलुरु के लाखों निवासी कर का भुगतान नहीं करते?
अशोक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर सवाल किया, ‘‘मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, क्या आप पूरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं या सिर्फ उन निर्वाचन क्षेत्रों के जहां से कांग्रेस विधायक हैं?’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बेंगलुरु के आधारभूत अवसंरचना और सड़क विकास के लिए घोषित 2,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज में कांग्रेस सरकार ने भाजपा विधायकों वाले निर्वाचन क्षेत्रों के प्रति बेहद भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘एक ओर, कांग्रेस विधायकों वाले निर्वाचन क्षेत्रों को सैकड़ों करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं, जबकि दूसरी ओर राजधानी के उन 16 निर्वाचन क्षेत्रों को, जिनका प्रतिनिधित्व भाजपा विधायक करते हैं, पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है और उन्हें बस नाममात्र की रकम दी गई है, मानो उन्हें कोई खैरात मिल रही हो।’’
खबरों के मुताबिक कोष आवंटन की सूची से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस विधायकों वाले निर्वाचन क्षेत्रों - जैसे चामराजपेट, गांधी नगर, विजयनगर, शांतिनगर, हेब्बल, गोविंदराज नगर, पुलाकेशी नगर, शिवाजीनगर, बीटीएम लेआउट, सर्वज्ञनगर और ब्यातरयानपुरा में से हर एक को 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि भाजपा विधायकों वाले निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आवंटन 40 करोड़ रुपये से 80 करोड़ रुपये के बीच है।
शिवकुमार और वृहद बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा को संबोधित करते हुए अशोक ने कहा, ‘‘क्या भाजपा विधायकों वाले इलाकों में रहने वाले बेंगलुरु के लाखों निवासी कर नहीं देते? क्या वे अच्छी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के हकदार नहीं हैं? आपके राजनीतिक मकसद वाले और बदले की भावना से लिए गए फैसले का बेंगलुरु के समग्र विकास पर बुरा असर पड़ेगा।’’