आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी- मार्च तिमाही में 1,684 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा।
रेल मंत्रालय के तहत आने वाली इस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 1,682 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
आईआरएफसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि 2025-26 की चौथी तिमाही में उसकी कुल आय नौ प्रतिशत बढ़कर 7,329 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 6,724 करोड़ रुपये थी।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की ब्याज आय भी बढ़कर 2,902 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 1,970 करोड़ रुपये थी।
कंपनी का कुल खर्च चौथी तिमाही में बढ़कर 5,644 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 5,042 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आईआरएफसी का शुद्ध लाभ 7.8 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 7,009 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 में 6,502 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने कहा कि उसकी प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर रिकॉर्ड 4.85 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गईं। यह वृद्धि रेलवे से जुड़े क्षेत्रों में नए स्वीकृत ऋण और वितरण के कारण हुई।
आईआरएफसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा, “हमारी विविधीकरण रणनीति अब मजबूत मार्जिन और शेयरधारकों के लिए अधिक मूल्य के रूप में परिणाम दे रही है।”
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी और करीब 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया, जो उसके वार्षिक लक्ष्य से अधिक है।