इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास ने पेश किया AI अवतार ‘देवी’

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 14-10-2026
Indian Embassy in Indonesia unveils AI avatar ‘Devi’
Indian Embassy in Indonesia unveils AI avatar ‘Devi’

 

जकार्ता

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों तक भारत से जुड़ी जानकारियां पहुंचाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित एक नया अवतार ‘देवी’ पेश किया है। यह डिजिटल अवतार भारतीय संस्कृति, पर्यटन, छात्रवृत्ति, कारोबार, निवेश के अवसरों और वाणिज्य दूतावास की सेवाओं से संबंधित अपडेट साझा करेगा।

इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने इस पहल की जानकारी दी। भारतीय दूतावास ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने नए AI अवतार का परिचय कराते हुए लिखा, “जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास के नए AI चेहरे देवी से मिलिए!”

दूतावास ने कहा कि संस्कृति, पर्यटन, छात्रवृत्ति, व्यापार, निवेश के अवसरों और कांसुलर सेवाओं से जुड़ी जानकारियां अब लोगों तक अधिक आसानी से पहुंचेंगी। यह पहल भारत और इंडोनेशिया के बीच साझेदारी से जुड़ी कहानियों और गतिविधियों को भी सामने लाएगी।

दूतावास ने लोगों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करने की अपील करते हुए कहा कि वे देवी के साथ जुड़ें और भारत-इंडोनेशिया संबंधों से जुड़े अपडेट हासिल करें।

नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर शुरुआत

भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर इस पहल का उल्लेख करते हुए एक्स पर लिखा कि शुभ अवसर पर उनका AI अवतार ‘देवी’ अपने फॉलोअर्स का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यम से दूतावास की गतिविधियों और भारत-इंडोनेशिया साझेदारी से संबंधित जानकारियों को व्यापक ऑनलाइन दर्शकों तक पहुंचाना है।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगी मजबूती

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 से भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत भारत और इंडोनेशिया के बीच राजनीतिक, सुरक्षा, रक्षा, व्यापारिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का तेजी से विस्तार हुआ है।

हाल ही में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 12 और 13 सितंबर को आयोजित 2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत का दौरा किया था।

AI के इस्तेमाल पर नियम बनाने की जरूरत: जयशंकर

इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और इस्तेमाल को लेकर नियमन, सुरक्षा मानकों और व्यापक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि AI का आम लोगों के दैनिक जीवन पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा, इसलिए इसकी जिम्मेदारी और उपयोग को लेकर गंभीर चर्चा जरूरी है।

मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के प्रधान संपादक जॉन मिकलथवेट के साथ बातचीत में जयशंकर ने कहा कि AI की तुलना अन्य तकनीकों, यहां तक कि परमाणु तकनीक से भी करना मुश्किल है। इसकी वजह इसका व्यापक इस्तेमाल और इससे प्रभावित होने वाले लोगों की बड़ी संख्या है।

जयशंकर ने लोकतांत्रिक समाजों पर AI के संभावित प्रभावों का भी जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में यह चिंता स्वाभाविक है कि AI राजनीति और राजनीतिक प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित करेगा, क्योंकि लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने में इन प्रक्रियाओं की अहम भूमिका होती है।